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क़ुद्स दिवस की रैली में अली लारीजानी की मौजूदगी से इज़रायल में बेचैनी

क़ुद्स दिवस की रैली में अली लारीजानी की मौजूदगी से इज़रायल में बेचैनी

क़ुद्स दिवस की विशाल रैलियों के दौरान ईरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि फ़िलिस्तीन के मुद्दे पर ईरानी क़ौम कितनी मज़बूती से खड़ी है। इसी बीच वरिष्ठ ईरानी नेता Ali Larijani की रैली में सक्रिय मौजूदगी ने इज़रायली मीडिया और राजनीतिक हलकों में काफ़ी नाराज़गी और चिंता पैदा कर दी।

इज़रायल के प्रमुख टीवी चैनल Channel 12 Israel ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि लारीजानी बिना किसी डर के ईरान की सड़कों पर रैली में शामिल हुए और उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि ईरानी क़ौम किसी भी बाहरी दबाव या सैन्य धमकी से घबराने वाली नहीं है। उन्होंने तंज करते हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की नीतियों पर भी सवाल उठाया और कहा कि ईरान को समझना आसान नहीं है।

रैली के दौरान लारीजानी ने कहा कि हालिया घटनाओं से यह साफ दिखाई देता है कि दुश्मन अब कमज़ोर पड़ चुका है और उसके पास आगे बढ़ने का कोई ठोस रास्ता नहीं बचा है। उनके मुताबिक, लगातार दबाव और हमलों के बावजूद ईरान की क़ौम पहले से कहीं ज़्यादा एकजुट और मज़बूत होकर सामने आई है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे ईरानी समाज की असली ताक़त को समझ नहीं पाते। उनके शब्दों में, “ईरान की क़ौम बहादुर है, समझदार है और उसके इरादे बेहद मज़बूत हैं। किसी भी तरह का दबाव या धमकी इस क़ौम को अपने सिद्धांतों और अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटा सकती।”

लारीजानी की यह मौजूदगी और उनका आत्मविश्वास भरा बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ईरान अपने राजनीतिक और वैचारिक मोर्चों पर पीछे हटने वाला नहीं है। क़ुद्स दिवस की रैलियों में उमड़ी भीड़ ने भी यह संदेश दिया कि फ़िलिस्तीन के समर्थन और क्षेत्रीय प्रतिरोध की नीति के मामले में ईरान की जनता पूरी तरह अपने नेतृत्व के साथ खड़ी है।

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