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इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर अली ख़ामेनेई का ईरानी जनता के नाम संदेश

इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर अली ख़ामेनेई का ईरानी जनता के नाम संदेश

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई ने एक टेलीविज़न संदेश में कहा कि 22 बहमन (11 फ़रवरी 2026) ईरानी राष्ट्र की शक्ति और प्रतिष्ठा के प्रकट होने का दिन है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जनता की रैली में भागीदारी और इस्लामी गणराज्य के प्रति वफादारी का प्रदर्शन, दुश्मनों को ईरान और उसके राष्ट्रीय हितों के खिलाफ लालच से पीछे हटने पर मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि 22 बहमन (फ़ारसी महीना) को अपनी इच्छाशक्ति और दृढ़ता दिखाकर दुश्मन को निराश करें।

सर्वोच्च नेता का पूरा संदेश इस प्रकार है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

हर साल 22 बहमन, ईरानी राष्ट्र की शक्ति और सम्मान के उजागर होने का दिन है। ईश्वर की कृपा से यह एक प्रेरित, दृढ़ इच्छाशक्ति वाला, अडिग, कृतज्ञ और अपने हित और नुकसान को समझने वाला राष्ट्र है।

जिस दिन पहला 22 बहमन घटित हुआ, उस दिन ईरानी जनता ने एक बड़ी विजय हासिल की। उसने खुद को और अपने देश को विदेशी हस्तक्षेप से मुक्त कराया। उन विदेशियों ने इन वर्षों में हमेशा यह कोशिश की है कि पुरानी स्थिति को फिर से लागू किया जाए, लेकिन ईरानी राष्ट्र डटा हुआ है। इस दृढ़ता का प्रतीक 22 बहमन है।

यह रैली दुनिया में बेजोड़ है। दुनिया में कहीं और ऐसा नहीं देखा गया कि वर्षों बाद भी, किसी देश का स्वतंत्रता और राष्ट्रीय दिवस हर साल पूरे देश में इतनी विशाल जनभागीदारी के साथ मनाया जाए और लोग स्वयं अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। आज ईरानी राष्ट्र सड़कों पर उतरकर अपनी शक्ति दिखाता है और उन लोगों को पीछे हटने पर मजबूर करता है जो इस्लामी गणराज्य ईरान और इस राष्ट्र के हितों पर नज़र लगाए बैठे हैं।

ईरान की ताक़त मिसाइल नहीं, ईरानी जनता की इच्छा शक्ति है 
राष्ट्रीय शक्ति का संबंध मिसाइलों और विमानों से अधिक, राष्ट्रों की इच्छाशक्ति और उनके दृढ़ संकल्प से होता है। आपने विभिन्न अवसरों पर अपनी दृढ़ता और अपनी इच्छा शक्ति दिखाई है। इस बार भी दिखाइए और दुश्मन को निराश कर दीजिए। जब तक दुश्मन निराश नहीं होता, एक राष्ट्र उत्पीड़न और दबाव में रहता है। दुश्मन को निराश करना ज़रूरी है। दुश्मन की निराशा आपकी एकता, आपकी सोच और इच्छाशक्ति, आपकी प्रेरणा और दुश्मन के प्रलोभनों के सामने डटे रहने से पैदा होती है। यही राष्ट्रीय शक्ति है।

हमारे युवा विभिन्न क्षेत्रों में देश के लिए गौरव का कारण बनें
ईश्वर की कृपा से हमारे युवा विभिन्न क्षेत्रों में—ज्ञान के क्षेत्र में, कार्य के क्षेत्र में, नैतिकता और संयम के क्षेत्र में, भौतिक और आध्यात्मिक प्रगति के क्षेत्र में—और अधिक आगे बढ़ें, प्रयास करें और देश के लिए गौरव का कारण बनें। 22 बहमन इन सभी बातों का प्रतीक है। लोग सड़कों पर निकलते हैं, नारे लगाते हैं, सच्चाइयों को बयान करते हैं, अपनी एकजुटता दिखाते हैं और इस्लामी गणराज्य के प्रति अपनी वफादारी का ऐलान करते हैं।

हमें आशा है कि यह 22 बहमन भी पिछले वर्षों की तरह ईरानी राष्ट्र की शान और गरिमा को और बढ़ाएगा और अन्य राष्ट्रों, सरकारों और शक्तियों को ईरानी राष्ट्र के सामने झुकने पर मजबूर करेगा। इंशाअल्लाह, ऐसा ही होगा।

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