अमेरिकियों के खिलाफ कार्रवाई और कड़ी की जानी चाहिए: कौसरी
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति के सदस्य कौसरी ने अमेरिका की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी नेतृत्व के हालिया कदम उसकी “शैतानी सोच” और दोहरे मानदंडों को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, अमेरिका एक ओर युद्धविराम और शांति की बात करता है, जबकि दूसरी ओर ऐसे निर्णय और कार्रवाइयाँ करता है जो क्षेत्र में तनाव और संघर्ष को बढ़ावा देती हैं।
कौसरी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बयानों और उनके व्यावहारिक कदमों में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाशिंगटन की नीतियाँ क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने का काम कर रही हैं और इससे शांति स्थापित करने के प्रयास प्रभावित हो रहे हैं।
ईरानी सांसद के अनुसार, अमेरिका अंतरराष्ट्रीय मामलों में न्याय और निष्पक्षता के बजाय अपने राजनीतिक और सामरिक हितों को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि बार-बार के अनुभवों से यह स्पष्ट हुआ है कि अमेरिकी प्रशासन केवल शक्ति और दबाव की भाषा समझता है तथा कूटनीतिक प्रतिबद्धताओं का पालन करने में गंभीरता नहीं दिखाता।
कौसरी ने जोर देकर कहा कि यदि अमेरिका अपनी वर्तमान नीतियों को जारी रखता है, तो उसके विरुद्ध अधिक कठोर और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के देशों को विदेशी हस्तक्षेप और दबाव का मुकाबला करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए तथा अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहना चाहिए।

