लेबनान में बर्बरता के जिम्मेदारों के लिए पछताने वाली सज़ा इंतज़ार कर रही है: सरदार क़ानी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर जनरल इस्माइल क़ानी ने लेबनान में हालिया घटनाओं और कथित हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि ज़ायोनी शासन (इज़रायल) का इतिहास लंबे समय से मानवाधिकारों के उल्लंघन, निर्दोष नागरिकों—खासकर महिलाओं और बच्चों—के खिलाफ हिंसा और बर्बरता से भरा रहा है।
सरदार क़ानी ने विशेष रूप से इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को निशाना बनाते हुए उन्हें “अपराधी” और “बच्चों का क़ातिल” बताया। उन्होंने कहा कि लेबनान में हालिया कार्रवाइयों के ज़रिए नेतन्याहू यह दिखाना चाहते हैं कि वे अपने सहयोगी अमेरिका से भी अधिक कठोर और निर्दयी हैं। उनके अनुसार, यह कदम न सिर्फ क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय मूल्यों की भी अवहेलना करता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “दुश्मन को यह समझ लेना चाहिए कि उसके लिए एक कड़ी और पछतावा दिलाने वाली सज़ा तय है।” क़ानी के इस बयान को क्षेत्रीय हालात के संदर्भ में एक सख्त संदेश और संभावित जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही, क़ानी ने “मुक़ावमत मोर्चे” (प्रतिरोध धड़े) के लड़ाकों और समर्थकों के लिए एक सराहना संदेश भी जारी किया।
उन्होंने कहा कि इन मुजाहिदीन ने हालात को सही ढंग से समझते हुए साहसिक और निर्णायक कदम उठाए हैं। उनके अनुसार, इन लड़ाकों ने “इंसानियत के दुश्मनों” को ऐसा सबक सिखाया है जो उन्हें लंबे समय तक याद रहेगा।
क़ानी ने आगे कहा कि प्रतिरोध मोर्चे के ये योद्धा पूरी सतर्कता और तैयारी के साथ अपने स्थान पर डटे हुए हैं और हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने उनकी “बेमिसाल कुर्बानियों” और “बहादुरी” की सराहना करते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उनके आभारी हैं और उनके जज़्बे को सलाम करते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है, और इस तरह के कड़े शब्द हालात को और संवेदनशील बना सकते हैं। साथ ही, यह संदेश ईरान और उसके सहयोगी समूहों की ओर से एक स्पष्ट राजनीतिक और सैन्य रुख को भी दर्शाता है, जिसमें वे अपने विरोधियों के खिलाफ सख्त जवाब देने की बात कर रहे हैं।

