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अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर शुरू

अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर शुरू

मीडिया सूत्रों ने बताया कि ईरान ने क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ़ मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक नई लहर शुरू कर दी है।कब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों पर जारी भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ, ईरान के सशस्त्र बलों ने कुछ ही देर पहले पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों का नया चरण आरंभ किया।

अरब मीडिया के अनुसार, कुछ समय पहले एक बार फिर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले दोहा, कुवैत, दुबई, बहरीन और अबू धाबी की ओर शुरू  हुए।

बहरीन में अमेरिकी अड्डे पर हमला

स्थानीय सूत्रों ने आज सुबह मनामा में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाले क्षेत्र से विस्फोट होने और धुएँ के उठने की सूचना दी। एजेंस फ्रांस‑प्रेस ने भी लिखा कि बहरीन की राजधानी में «अल‑जुफ़ैर» और «सलमान बंदरगाह» क्षेत्रों से आग और घने धुएँ के ऊँचे गुबार आसमान में उठते देखे गए।

रॉयटर्स: कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास धुआँ उठा

रॉयटर्स ने ईरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी हितों और ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमलों की नई लहर के साथ यह भी रिपोर्ट किया कि अमेरिकी दूतावास, कुवैत के निकट से धुआँ उठता देखा गया है।

ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमले केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संप्रभुता, आत्मरक्षा और प्रतिरोध के उस सिद्धांत की अभिव्यक्ति हैं, जिसे वर्षों से पश्चिम एशिया में नज़रअंदाज़ किया जाता रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की नई लहर ऐसे समय शुरू हुई है, जब क्षेत्र लगातार अस्थिरता, बाहरी हस्तक्षेप और निर्दोष नागरिकों पर पड़ते दुष्प्रभावों से जूझ रहा है। ईरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी सुरक्षा, उसकी सीमाएँ और उसके हित किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

आज, जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था दोहरे मानदंडों से ग्रस्त दिखती है, ईरान का यह रुख़ उन देशों के लिए प्रेरणा बनता है जो अपनी स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा करना चाहते हैं। यह संदेश साफ़ है: दबाव, प्रतिबंध और सैन्य धमकियाँ किसी संप्रभु राष्ट्र की इच्छाशक्ति को तोड़ नहीं सकतीं। ईरान ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वह शांति चाहता है, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं।

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