शनिवार को इज़रायली सेना की चौकियों पर हिज़्बुल्लाह के 22 हमले
लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह ने शनिवार को आक्रमणकारी इज़रायली सेना के खिलाफ़ व्यापक और संगठित कार्रवाई करते हुए कुल 22 हमले किए, जिनसे दक्षिणी लेबनान के मोर्चे पर इज़रायली सेना की स्थिति पर गंभीर दबाव पड़ा।
हिज़्बुल्लाह द्वारा जारी बयान के अनुसार, ये हमले अलग-अलग क्षेत्रों में सुनियोजित रणनीति के तहत किए गए, जिनका उद्देश्य दुश्मन की सैन्य शक्ति, उसकी आवाजाही और संचार व्यवस्था को कमज़ोर करना था।
बयान के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में एक मरकावा टैंक को निशाना बनाया गया, जिसे इज़रायल की ज़मीनी सैन्य ताकत का प्रमुख आधार माना जाता है।
इसके अलावा एक हमर सैन्य वाहन, दो सैन्य बुलडोज़र, एक ड्रोन और एक संचार वाहन भी हमलों की चपेट में आए, जिससे इज़रायली सेना के सैन्य उपकरणों और संपर्क व्यवस्था को नुकसान पहुंचा।
इसके साथ ही, हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों ने 17 बार इज़रायली सैनिकों के जमावड़े, सैन्य ठिकानों और युद्धक मशीनरी के केंद्रों को सीधे निशाना बनाया। इन हमलों में मिसाइलों, तोपखाने और आधुनिक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते इज़रायली सेना को रक्षात्मक स्थिति अपनाने पर मजबूर होना पड़ा।
विश्लेषकों के अनुसार, लगातार और बड़े पैमाने पर किए गए ये हमले इस बात का संकेत हैं कि दक्षिणी लेबनान के मोर्चे पर हिज़्बुल्लाह अब भी पूरी ताकत, संगठित रणनीति और उच्च सैन्य क्षमता के साथ मौजूद है, जबकि लगातार हमलों के कारण इज़रायली सेना को न केवल सैन्य क्षति उठानी पड़ रही है, बल्कि उसके सैनिकों के मनोबल पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है।

