अमेरिकी सेना के 18 महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया: आईआरजीसी
आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स और नौसेना ने आज तड़के, अमेरिकी सेना द्वारा बंदर अब्बास हवाई अड्डे के परिसर तथा आईआरजीसी और ईरानी पुलिस के कुछ सेवा केंद्रों एवं तटीय चौकियों पर किए गए हमलों के जवाब में, दो चरणों वाले अभियान में अमेरिकी सेना के 18 महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर मिसाइल हमले किए।
बयान के अनुसार, कुवैत स्थित अली अल-सालेम और अहमद अल-जाबेर वायुसेना अड्डों के साथ-साथ बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस को निशाना बनाया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया।
अमेरिका की आक्रामकता और शरारतों के विरुद्ध सशस्त्र बलों की जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी: ख़ातम मुख्यालय
मुख्यालय ने कहा कि दक्षिणी ईरान के कुछ क्षेत्रों पर अमेरिकी हमलों को रोकने की अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा, ईरानी सशस्त्र बलों की शक्तिशाली और निर्णायक जवाबी कार्रवाई का परिणाम है। बयान में दावा किया गया कि, इस जवाबी कार्रवाई के कारण अमेरिकी सेना को एक और पराजय का सामना करना पड़ा।
अमेरिकी लड़ाकू विमानों के ठिकाने नष्ट कर दिए गए: आईआरजीसी
आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका द्वारा करज और नज़राबाद के आसपास एक मनोरंजन स्थल, एक औद्योगिक परिसर, एक सैन्य बैरक क्षेत्र तथा पेशवा काउंटी में आईआरजीसी के एक स्थानीय अड्डे पर किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में आज सुबह 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
इन मिसाइलों का लक्ष्य अल-अज़रक एयर बेस और कंट्रोल सेंटर में तैनात अमेरिकी F-35, F-15 और F-16 लड़ाकू विमानों के ठिकाने तथा अमेरिकी सेना की महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाएँ थीं।
आईआरजीसी के दावे के अनुसार, इन सैन्य प्रतिष्ठानों को नष्ट कर दिया गया और बड़ी संख्या में अमेरिकी लड़ाकू विमान भी तबाह हुए।

