ईरान और ओमान ने हुर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) के प्रबंधन को लेकर एक शुरुआती सहमति बनाई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर पहली आधिकारिक बैठक हुई, जिसमें मौजूदा स्थिति की समीक्षा के साथ भविष्य की व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया गया।
ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा कि “ज्वाइंट हुर्मुज कमेटी” की पहली बैठक में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और इसके भविष्य के प्रबंधन को लेकर दोनों पक्षों ने अपने विचार साझा किए।
उन्होने बताया कि तेहरान और मस्कट इस जलमार्ग के प्रबंधन को लेकर एक सामान्य सहमति पर पहुंच चुके हैं। ओमान, एक तटीय और संप्रभु अधिकारों वाला देश होने के नाते, इस तरह की व्यवस्थाओं का समर्थन कर रहा है। ओमान का मानना है कि इस जलमार्ग में दी जाने वाली सेवाओं के बदले फीस वसूला जाना चाहिए।
ग़रीबाबादी ने आगे बताया कि दोनों देशों के बीच इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी समितियों का गठन करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत आने वाले 7 से 8 दिनों के भीतर विशेषज्ञ स्तर की बातचीत शुरू होगी।
इन बैठकों में भविष्य की व्यवस्थाओं का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा और शिपिंग रूट से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा होगी, ताकि इस रणनीतिक जलमार्ग के संचालन को अधिक व्यवस्थित और औपचारिक रूप दिया जा सके।

