ओमान ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के सामने हुर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों के लिए एक नया प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान चाहता है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाली शिपिंग कंपनियाँ एक निर्धारित शुल्क अदा करें।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य में लागू कुछ व्यवस्थाओं से प्रेरित है। ओमान के प्रस्ताव में यह शुल्क वैकल्पिक बताया गया है, जबकि ईरान का मानना है कि इसे अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।
अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर कुछ आपत्तियाँ और सवाल उठाए हैं। वॉशिंगटन का कहना है कि वह ओमानी अधिकारियों के साथ इस योजना के विभिन्न पहलुओं पर और चर्चा करना चाहता है। अमेरिकी अधिकारियों को उम्मीद है कि तकनीकी स्तर की बातचीत से मतभेद दूर किए जा सकेंगे।
इस बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा है कि तेहरान हुर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़रानी के प्रबंधन के लिए एक नई व्यवस्था बनाने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ओमान इस संबंध में संयुक्त ढाँचा तैयार करने में रुचि नहीं दिखाता, तो ईरान अपने स्तर पर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़्ची ने पहले कहा था कि हुर्मुज़ जलडमरूमध्य वर्षों से अंतरराष्ट्रीय जहाज़रानी के लिए खुला रहा है, लेकिन अमेरिका और इस्राईल के हमलों के बाद अब परिस्थितियाँ पहले जैसी नहीं रहेंगी।
गौरतलब है कि हाल ही में ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि हुर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रबंधन में तटीय देशों की प्रमुख भूमिका होनी चाहिए। दोनों देशों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के भविष्य और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जहाज़ों की आवाजाही के लिए नए नियमों पर विचार-विमर्श जारी रखने की बात भी कही है।
हुर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ों की आवाजाही पर ओमान का नया प्रस्ताव

