तल अवीव: इस्राईल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने स्वीकार किया है कि गाजा पट्टी के बड़े हिस्से पर नियंत्रण हासिल करने के बावजूद इस्राईल अभी तक हमास को पूरी तरह हराने में सफल नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के खिलाफ कड़ा सैन्य रुख अपनाने की मांग की और कहा कि ईरान से बातचीत “बल प्रयोग” के जरिए होनी चाहिए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बेन ग्वीर ने कहा कि इस्राईल सेना ने गाजा के कई इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत की है, लेकिन इसके बावजूद हमास की सैन्य और राजनीतिक क्षमता को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा, “हमने गाजा पट्टी के बड़े हिस्से पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, लेकिन अभी तक हमास को हराने में कामयाब नहीं हुए हैं।”
इस्राईल के इस कट्टरपंथी नेता ने घरेलू राजनीतिक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरब राजनीतिक दल उन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन और सरकार से बाहर करने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान के मुद्दे पर बेन ग्वीर ने कहा कि वह ईरान की मौजूदा सरकार को स्वीकार नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ कुछ प्रभावी कदम उठाए हैं, लेकिन उनके अनुसार ईरान के साथ बातचीत केवल सैन्य दबाव के जरिए होनी चाहिए।
बेन ग्वीर ने कहा कि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत के बजाय कठोर कार्रवाई की जरूरत है और इजरायल को अपनी सुरक्षा के लिए आक्रामक नीति अपनानी चाहिए।
इस्राईल के सुरक्षा मंत्री ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ सुरक्षा अभियान को और तेज करने की मांग भी की। उन्होंने इस्राईल के सैनिकों को अधिक अधिकार देने की बात कही और बेहद सख्त कार्रवाई की वकालत की।
उनके बयानों पर फिलिस्तीनी पक्ष और मानवाधिकार संगठनों की ओर से पहले भी आलोचना होती रही है। आलोचक बेन ग्वीर की नीतियों को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला बताते हैं, जबकि उनके समर्थक इसे इस्राईल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम मानते हैं।
गौरतलब है कि गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से इस्राईल और हमास के बीच संघर्ष जारी है। इस दौरान इजरायल का मुख्य लक्ष्य हमास की सैन्य क्षमता को खत्म करना बताया गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के मानवीय प्रभावों और क्षेत्रीय तनाव को लेकर चिंता जताई जाती रही है।

