मॉस्को: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच रूस की ओर से इस्राईल को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। रूसी सशस्त्र बलों के मुख्य सैन्य-राजनीतिक विभाग के उप प्रमुख और अखमत विशेष बल इकाई के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आप्टी अलाउदिनोव ने चेतावनी दी है कि अगर क्षेत्रीय संघर्ष और व्यापक हुआ तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि हालात एक देश के तौर पर इस्राईल के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
रूसी समाचार एजेंसी TASS से बातचीत में अलाउदिनोव ने दावा किया कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के और बढ़ने की आशंका है। उनके मुताबिक, इस्राईल टकराव को व्यापक बनाना चाहता है और अमेरिका के साथ-साथ पूरे NATO गठबंधन को इसमें खींचने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने चेताया कि संघर्ष के इस तरह फैलने का असर अंततः इस्राईल के लिए ही बेहद गंभीर साबित हो सकता है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा संकट में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव भी एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। इसी बीच ईरान के साथ संभावित बातचीत को लेकर अमेरिकी प्रशासन की नीति भी चर्चा में है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी बातचीत करने वाली टीम को ईरान के साथ वार्ता फिलहाल रोकने को कहा है। बताया गया कि ट्रंप चाहते हैं कि तेहरान पहले समझौते के लिए तैयार होने के संकेत दे। हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि प्रशासन के भीतर ईरान के साथ बातचीत को लेकर कोई बड़ा मतभेद नहीं है।
अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पहले सकारात्मक बातचीत हुई थी, लेकिन ट्रंप ने आगे बढ़ने से पहले इंतजार करने का फैसला किया है।
रणनीतिक हुर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के साथ बातचीत या चर्चा होने की खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही और न ही इसकी कोई योजना है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह लागू है और हुर्मुज जलडमरूमध्य खुला तथा चालू है।
दूसरी ओर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर क़ालीबाफ ने अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वाशिंगटन आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाकर ईरान को रियायतें देने के लिए मजबूर करना चाहता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच रूस की चेतावनी ने पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं। अमेरिका, ईरान और इस्राईल के बीच टकराव और फैलता है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीति पर पड़ सकता है।

