रियाज़ : यमन युद्ध की दलदल में फंसे सऊदी अरब ने अब इस मामले में ओमान से अपील की है। जानकार सूत्रों ने लेबनानी अख़बार अल-अख़बार को बताया कि सऊदी अरब, ओमान की मध्यस्थता के ज़रिये यमन के साथ बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश कर रहा है।
अल-अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि ‘सनआ ने लड़ाई को सऊदी अरब के लाल सागर तट तक पहुँचा दिया है; रियाज़ ने एक बार फिर ओमान से मध्यस्थता की मांग की है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, सनआ और रियाज़ के बीच तनाव एक नए चरण में प्रवेश कर गया है। समुद्री नाकेबंदी की रणनीति अब लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाने तक पहुँच गई है, जिससे टकराव की लागत बढ़ गई है और क्षेत्रीय मध्यस्थों पर दबाव भी बढ़ा है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सनआ की सेनाओं ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाकर दो सैन्य अभियान चलाए। पहले अभियान की घोषणा के बाद, जिसे ‘नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी’ की रणनीति का हिस्सा बताया गया, अंसारुल्लाह बलों ने सऊदी नेतृत्व को कड़ी चेतावनी दी कि यदि यमन पर हमला किया गया या तनाव बढ़ाया गया, तो सऊदी अरब के महत्वपूर्ण और रणनीतिक क्षेत्रों पर अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, रियाज़ ने एक बार फिर ओमान से मध्यस्थता का अनुरोध किया है और इस उद्देश्य से एक सऊदी प्रतिनिधिमंडल मस्कत भेजा गया है ताकि सनआ के साथ तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके। सूत्रों का कहना है कि ओमान का विदेश मंत्रालय तनाव कम करने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए सभी पक्षों के साथ अपने संपर्क बढ़ा रहा है।
यमन युद्ध में सऊदी अरब ने ओमान से लगाई गुहार, मध्यस्थता की अपील

