सनआ: अल-मसीरा के मुताबिक, यमन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर हिज्बुल्लाह और लेबनान के प्रतिरोध पर अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की है।
यमनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के ये प्रतिबंध इस्राईली दुश्मन की मदद करने के बराबर हैं। बयान में कहा गया कि इस तरह के प्रतिबंध गैरकानूनी हैं और देशों के बीच संबंधों को नियंत्रित करने वाले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करते हैं।
बयान में कहा गया कि जब भी इस्राईली दुश्मन किसी सैन्य और निर्णायक लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहता है, तो अमेरिका उस काम को पूरा करने के लिए आगे आता है। यमन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, हिज्बुल्लाह पर अमेरिकी प्रतिबंध इस बात का सबूत हैं कि इस्राईली शासन सैन्य स्तर पर नाकाम रहा है।
यमनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा समय में हिज्बुल्लाह और लेबनान के प्रतिरोध को निशाना बनाना, चाहे यह किसी भी पक्ष की ओर से किया जाए, इस्राईली दुश्मन की खुली मदद और उसके अपराधों में सक्रिय भागीदारी के बराबर है।
बयान में लेबनान के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि उन्हें इतिहास का ध्यान से अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि दुश्मन के साथ खड़ा होना आखिरकार विनाश की ओर ले जाता है।

