म्यांमार भूकंप: संंकट के समय भारत ने पड़ोसी देश को मदद भेजी
भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में बेहद ही शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी। इसका असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी देखने को मिला है। भूकंप का केंद्र म्यांमार में था और इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 मापी गई। अधिकारियों ने बताया कि बैंकॉक में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत भूकंप के झटकों से भरभराकर ढह गई।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक बहुमंजिला इमारत धूल के गुबार के बीच ढहती नजर आ रही है और वहां मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। इमारत के मलबे में 40 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि वे बैंकॉक के ‘चटुचक मार्केट’ के पास स्थित घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं।
चीन, रूस और भारत ने राहत और रेस्क्यू टीमें म्यांमार भेजी है। भारतीय वायुसेना का एक विमान टेंट, कम्बल, दवा, खाद्य के साथ साथ रेस्क्यू और मेडिकल टीम लेकर म्यांमार पहुंचा। भूकंप की वजह से ज्यादा तबाही म्यामांर में हुई है क्योंकि इसका केंद्र म्यांमार के दूसरे बड़े शहर मांडले के पास था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 3 और 4 अप्रैल को थाईलैंड की दो दिन की यात्रा पर जाना है।
थाईलैंड-म्यांमार में आए भूकंप के बाद प्रधानमंत्री ने दोनों देशों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। पीीम मोदी ने कहा है कि म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप से वो दुखी हैं। दोनों देशों को भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। पीीम मोदी ने कहा कि विदेश मंत्रालय को उन्होंने थाईलैंड और म्यांमार की सरकार से संपर्क में रहने को कहा है।
थाईलैंड को यूरोपीय देशों से मदद मिल रही है, लेकिन म्यामांर में सैनिक सरकार है, इसलिए म्यांमार को मदद मिलने में मुश्किल हो रही है। भारत सरकार म्यांमार की पूरी मदद करना चाहती है। सच्चे दोस्त संकट के वक्त ही काम आते हैं, और भारत अपने पड़ोसी देश की मदद करने के तैयार है।