इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि इस्राईल और लेबनान के बीच दक्षिण लेबनान में दो सुरक्षा क्षेत्रों के गठन पर सहमति बनी है। उनके अनुसार यह व्यवस्था हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करने की योजना के परीक्षण के लिए की जा रही है।
नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और लेबनान, दोनों दक्षिण लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में इस्राईली सेना की मौजूदगी बनाए रखने पर सहमत हैं। उन्होंने दावा किया कि यह समझौता भविष्य में लेबनान के साथ संघर्ष समाप्त करने का आधार बन सकता है।
इस्राईली प्रधानमंत्री ने कहा कि हिज़्बुल्लाह को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद यह समझौता संभव हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस्राईल ने हिज़्बुल्लाह के लगभग 90 प्रतिशत मिसाइल भंडार को नष्ट कर दिया है और दक्षिण लेबनान में उसके ढांचे को निशाना बनाना जारी रखेगा।
नेतन्याहू के अनुसार इस्राईली सेना दक्षिण लेबनान के शक़ीफ़ क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए हुए है और फिलहाल वहां से हटने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि लेबनान में किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए इस्राईली सेना को पूरी कार्रवाई की छूट दी गई है।
उन्होंने दावा किया कि यह समझौता आगे चलकर शांति समझौते का रूप ले सकता है और इससे इस्राईल तथा लेबनान दोनों को लाभ होगा, जबकि ईरान और हिज़्बुल्लाह का प्रभाव कम होगा।
हालाँकि, इन दावों पर लेबनान सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए नेतन्याहू के बयानों को फिलहाल उनके दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
नेतन्याहू ने गाज़ा के बारे में भी दावा किया कि इस्राईली सेना लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण के करीब पहुँच चुकी है और हमास को घेर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस्राईल भविष्य में भी लेबनान में सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

