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दमिश्क ने हमले की कड़ी निंदा की, सीरिया से ज़ायोनी सेना की वापसी की मांग

दमिश्क: सीरियाई सरकारी समाचार एजेंसी सना (SANA) के अनुसार, सीरियाई अरब गणराज्य ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को भेजे तत्काल पत्रों में सैन्य हवाई अड्डे ‘अबू अल-ज़ुहूर’ पर इस्राईल के आठ चरणों वाले हवाई हमले की कड़ी निंदा की है। दमिश्क ने इस कार्रवाई को अनुचित आक्रमण और सीरिया की राष्ट्रीय संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है, जो क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को निशाना बनाता है।

सीरिया ने कहा कि यह हमला ऐसे समय में किया गया है, जब इससे पहले इस्राईली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस सैन्य अड्डे पर तुर्की बलों की कथित मौजूदगी का दावा करते हुए हमले को उचित ठहराने की कोशिश की थी। हालांकि, अंकारा ने इन दावों को सख्ती से खारिज कर दिया था।

मीडिया रिपोर्टों, जिनमें फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट भी शामिल है, में दावा किया गया है कि इस अभियान के लिए वॉशिंगटन के साथ खुफिया स्तर पर समन्वय किया गया था। हालांकि, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इस कार्रवाई से क्षेत्र में बढ़ने वाले तनाव और उसके संभावित परिणामों को लेकर चिंता व्यक्त की है।

सीरियाई सरकार ने अपने पत्रों में जोर देकर कहा कि इस तरह की उकसावे वाली कार्रवाइयां ऐसे समय में हो रही हैं, जब दमिश्क देश में स्थिरता बहाल करने, आतंकवाद से मुकाबला करने और अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के प्रयास कर रहा है।

सीरिया ने अपने वैध आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्राईल के खिलाफ स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाने की अपील की। दमिश्क ने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस्राईल पर तत्काल हमले रोकने, 1974 के अलगाव समझौते के प्रावधानों को लागू करने और सभी कब्जे वाले क्षेत्रों से पूरी तरह पीछे हटने के लिए दबाव बनाए।

सीरियाई सरकार ने विशेष रूप से कब्जे वाले गोलान हाइट्स से भी इस्राईल की पूर्ण वापसी की मांग की है। दमिश्क के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून तथा मौजूदा समझौतों का सम्मान किया जाना जरूरी है।

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