Site icon ISCPress

इस्राईल में बड़ी संख्या में लोगों के पलायन पर हिब्रू अख़बार का बड़ा खुलासा

तल अवीव: इस्राईल से बड़ी संख्या में लोगों के बाहर जाने और वापस न लौटने का सिलसिला लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक हिब्रू भाषा के अख़बार ने दावा किया है कि पिछले कुछ वर्षों में इस्राईल लौटने वाले लोगों की संख्या में 53 प्रतिशत की भारी कमी आई है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब इस्राईल को युद्ध, आर्थिक दबाव और सामाजिक समस्याओं जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार इस्राईल के प्रधानमंत्री अपनी सरकार और सैन्य कार्रवाइयों की उपलब्धियों का दावा कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर वहां से लोगों के बाहर जाने के आंकड़े एक अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश के अंदर गंभीर सामाजिक और आर्थिक संकट मौजूद है और अलग-अलग मोर्चों पर जारी युद्ध का भी समाज पर असर पड़ रहा है।

हिब्रू अख़बार मआरिव ने इस्राईली संसद के शोध एवं सूचना केंद्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हाल के वर्षों में विदेश जाने के बाद इस्राईल वापस लौटने वाले लोगों की संख्या में 53 प्रतिशत की कमी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों हजार लोग इस्राईल छोड़ चुके हैं और उनमें से बड़ी संख्या अब तक वापस नहीं लौटी है। यह पलायन विशेष रूप से वर्ष 2023 से तेज हुआ, जब क्षेत्र में युद्ध और तनाव का नया दौर शुरू हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्राईल वापस लौटने का फैसला करना अब कई लोगों के लिए आसान नहीं है। वहां लौटने वालों को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

सबसे बड़ी समस्याओं में से एक रोजगार और वेतन से जुड़ी है। वापस आने वाले लोगों के लिए अपनी योग्यता के अनुसार अच्छी नौकरी और उचित वेतन हासिल करना आसान नहीं बताया गया है। इसके अलावा परिवार से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक मामलों में भी लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति का जीवनसाथी इस्राईली नागरिक नहीं है, तो उसके इस्राईल में कानूनी दर्जे को स्थायी रूप से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया सात साल तक चल सकती है। ऐसी परिस्थितियां भी लोगों के वापस लौटने के फैसले को प्रभावित कर रही हैं।

इस्राईल पिछले कुछ वर्षों से लगातार सुरक्षा और सैन्य चुनौतियों का सामना कर रहा है। अलग-अलग मोर्चों पर युद्ध और तनाव के साथ-साथ देश के भीतर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विवाद भी बढ़े हैं।

ऐसे माहौल में विदेशों में रहने वाले इस्राईलियों के लिए वापस लौटना पहले की तुलना में अधिक कठिन निर्णय बन गया है। रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि आर्थिक अवसर, रोजगार, परिवार और सामाजिक स्थिरता भी लोगों के फैसले को प्रभावित कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, हिब्रू अख़बार की यह रिपोर्ट इस्राईल की मौजूदा स्थिति की एक अलग तस्वीर सामने रखती है। जहां सरकार सैन्य और राजनीतिक उपलब्धियों पर जोर देती है, वहीं लोगों का देश छोड़ना और वापस लौटने वालों की संख्या में 53 प्रतिशत की गिरावट गंभीर सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों की ओर संकेत करती है।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 से शुरू हुआ यह रुझान अब भी चिंता का विषय बना हुआ है। यदि विदेश जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती रहती है और वापस लौटने वालों की संख्या कम होती रहती है, तो आने वाले समय में इसका असर इस्राईल की जनसंख्या, अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर भी पड़ सकता है।

Exit mobile version