सीरिया के प्रतिरोधी गुट का जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर ड्रोन हमला
जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर एक नई घटना सामने आई है, जिसमें एक सीरियाई प्रतिरोधी गुट ने ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली है। हाल ही में गठित समूह कताइब जंद अल-करार ने अपने बयान में दावा किया कि उसने जॉर्डन के अल-जफाफ H5 एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया।
गुट के अनुसार, यह हमला अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाइयों के जवाब में किया गया है। बयान में कहा गया कि यह अभियान “अमेरिका-विरोधी ऑपरेशन” का दूसरा चरण है, जिसे ईरान की जनता और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के समर्थन में अंजाम दिया गया। समूह ने यह भी दावा किया कि उनके द्वारा भेजे गए ड्रोन सीधे अपने लक्ष्यों पर जाकर टकराए, जिससे ठिकाने को नुकसान पहुंचा।
हालांकि, इस हमले के बारे में अभी तक अमेरिका या जॉर्डन की ओर से आधिकारिक पुष्टि या किसी प्रकार के नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में अक्सर दावों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर भी देखा जाता है, इसलिए स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य पूर्व में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान, सीरिया, इराक और लेबनान के कई प्रतिरोधी गुट लगातार अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ सक्रिय हैं। जॉर्डन, जो अमेरिका का करीबी सहयोगी है, वहां इस तरह का हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की घटनाएं बढ़ती हैं, तो इससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष और गहरा सकता है और कई देशों की सुरक्षा रणनीतियों पर असर पड़ सकता है।

