बेरुत : लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा है कि उनके देश की स्थिरता पूरे क्षेत्र और यूरोप की सुरक्षा और स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि लेबनान में किसी भी तरह की अशांति या तनाव के व्यापक और नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।
‘अल-अखबार’ के अनुसार, एथेंस में अपने यूनानी समकक्ष कोंस्टेंटिनोस तासोलास से मुलाकात के दौरान औन ने कहा कि अब समय आ गया है कि लेबनान लगातार चल रहे संकटों से बाहर निकले और देश में शांति एवं स्थिरता कायम हो।
औन ने कहा कि दोनों पक्षों को अंतरराष्ट्रीय समझौतों को बिना किसी मनमाने या चुनिंदा तरीके के पूरी तरह लागू करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनान की जनता लंबे समय से युद्ध और तबाही से परेशान है।
लेबनानी राष्ट्रपति ने कहा कि इस्राईल के साथ बातचीत का मुख्य उद्देश्य दुश्मनी की स्थिति को समाप्त करना है। उनके मुताबिक, इस संकट का स्थायी समाधान युद्ध के जरिए नहीं, बल्कि कूटनीति और बातचीत के रास्ते से ही संभव है।
औन ने कहा कि लेबनान ने अमेरिका की देखरेख और मध्यस्थता में एक ‘फ्रेमवर्क समझौते’ पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को इस समझौते को पूरी तरह और बिना किसी चयनात्मक रवैये के लागू करना चाहिए। उन्होंने यूनान से अपील की कि वह इस समझौते को लागू कराने में मदद करे।
जोसेफ औन ने कहा कि अब समय आ गया है कि लेबनान को शांति और स्थिरता मिले। उन्होंने कहा कि उनका देश दुश्मनी की स्थिति खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनका विश्वास है कि मौजूदा संकट का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि कूटनीति के माध्यम से किया जा सकता है।
उन्होंने दोहराया कि लेबनान की स्थिरता क्षेत्र और यूरोप की स्थिरता के लिए जरूरी है। लेबनान में किसी भी तरह का तनाव या अस्थिरता पूरे क्षेत्र में नकारात्मक और व्यापक असर डाल सकती है।
लेबनान के राष्ट्रपति ने यूनान को लेबनान के लिए लगातार राजनीतिक, मानवीय और सैन्य समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने दोनों देशों के साझा हितों को ध्यान में रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को हर क्षेत्र में और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई।

