सनआ : यमन ने सऊदी अरब को दी चेतावनी देते हुए कहा है कि इस देश को संघर्ष का मैदान बनाने की सऊदी कोशिश का जवाब दिया जाएगा। यमन की सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के सदस्य अब्दुल अजीज बिन हब्तूर ने देश में जारी सैन्य गतिविधियों और नई राजनीतिक-सैन्य परिस्थितियां थोपने की कोशिशों को लेकर सऊदी अरब को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यमन के खिलाफ इस तरह की किसी भी कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा और देश की सुरक्षा, संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अल-मसीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, बिन हब्तूर ने कहा कि यमन में तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियां लगातार जारी हैं। उनके मुताबिक, सऊदी अरब की ओर से किए जा रहे मौजूदा प्रयासों को अलग-थलग घटनाओं के तौर पर नहीं देखा जा सकता, बल्कि ये तनाव बढ़ाने वाली एक व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
बिन हब्तूर ने कहा कि यमन पहले भी लंबे समय तक आर्थिक और राजनीतिक दबाव का सामना कर चुका है। उन्होंने विशेष रूप से यमन पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और नाकेबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि इन कदमों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं।
उन्होंने कहा कि सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाए रखना इस बात का संकेत है कि तनाव बढ़ाने का विकल्प अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यमन के खिलाफ दबाव या सैन्य कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया तो इससे हालात और गंभीर हो सकते हैं। यमन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक प्रतिक्रिया देने से पीछे नहीं हटेगा।
बिन हब्तूर ने यमन के अंदर स्थानीय बलों और विभिन्न समूहों के जरिए संघर्ष को आगे बढ़ाने की कोशिशों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बाहरी पक्ष अगर स्थानीय ताकतों का इस्तेमाल करके यमन के भीतर टकराव को बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तो इससे उनकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी दूसरे पक्ष या स्थानीय समूह के माध्यम से कार्रवाई कराने से उसके पीछे मौजूद पक्ष को उन कदमों के परिणामों की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जा सकता।
यमनी नेता ने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि यमन की जमीन को संघर्ष और टकराव के लिए खुला मैदान बना दिया जाए, जबकि इस टकराव के संभावित प्रभावों से सऊदी अरब की जमीन और उसके हित सुरक्षित रहें।
बिन हब्तूर का यह बयान ऐसे समय आया है जब यमन को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर तनाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
उन्होंने दोहराया कि यमन की सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने उन सभी प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी जो यमन के भीतर संघर्ष को भड़काने या देश पर नई परिस्थितियां थोपने की कोशिश कर सकते हैं।

