अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खुल गया है, लेकिन इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अब भविष्य में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इस महत्वपूर्ण रूट से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे सालाना लगभग 40 अरब डॉलर की कमाई का अनुमान लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ईरान का प्रस्ताव है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवाओं के बदले टोल लिया जाए। इस योजना को लागू करने के लिए तेहरान ओमान समेत खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों के साथ बातचीत कर रहा है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए एक समझौते के दस्तावेज में जलडमरूमध्य के प्रबंधन का जिक्र तो है, लेकिन ट्रांजिट फीस का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं शामिल है। इसके बावजूद ईरान इसे एक नए स्थायी आर्थिक मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का मानना है कि मौजूदा हालात इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन को नए सिरे से परिभाषित करने का अवसर देते हैं। प्रस्ताव के तहत खाड़ी देशों की भागीदारी और राजस्व में हिस्सेदारी पर भी चर्चा चल रही है, ताकि क्षेत्रीय सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।
ईरान ने यह विचार चीन जैसे प्रमुख साझेदारों के सामने भी रखा है, जिससे संकेत मिलता है कि यह योजना केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार से भी जुड़ी हो सकती है।

