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ईरान के खिलाफ संघर्ष में हुई अमेरिका की हार : अतवान

ईरान-अमेरिका युद्ध में अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाते हुए अरब जगत के विख्यात विश्लेषक अब्दुल बारी अतवान ने ऐसे दावे किए हैं जो अमेरिका और उसके घटकों को बिल्कुल भी अच्छे नहीं लगेंगे । तेहरान और वॉशिंगटन के बीच जारी तनाव को लेकर अरब जगत के चर्चित विश्लेषक और राय अल-यौम के संपादक अब्दुल बारी अतवान ने दावा किया है कि युद्ध के शुरुआती 10 दिनों में अमेरिका को कोई सफलता नहीं मिली है।

अपने लेख में अतवान ने कहा कि अमेरिकी सेना के भीतर ही ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को लेकर असहमति थी। उन्होंने दावा किया कि कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति का विरोध किया।

अतवान के मुताबिक, अमेरिका एक लंबे और क्षेत्रीय संघर्ष में फंस सकता है। उन्होंने दो प्रमुख कारणों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना अभी तक बढ़त हासिल नहीं कर पाई है।

पहला कारण उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा बताए गए 427 घायल अमेरिकी सैनिकों के आंकड़े को बताया। दूसरा  उन्होंने ईरान द्वारा हुर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर कार्रवाई को बताया।

अतवान ने कहा कि ईरान ने दो तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचाने और चार अन्य को रोकने की कार्रवाई की, जिससे हुर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात प्रभावित हुआ।

उन्होंने कहा कि ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों, बिजली संयंत्रों और जल-शोधन केंद्रों को निशाना बनाया। उनके अनुसार, कतर, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, सीरिया और इराक के कुर्द क्षेत्र में अमेरिकी ठिकाने भी ईरानी हमलों के दायरे में आए।

अतवान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के कई बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन ईरान ने भी तेजी से जवाबी कार्रवाई की।

उन्होंने कहा कि ईरान के पास आधुनिक मिसाइल, ड्रोन, नौसैनिक क्षमता और घरेलू रक्षा उत्पादन की मजबूत व्यवस्था है, जिसके कारण उसे कमजोर समझना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

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