यरुशलम: इस्राईल में धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष समुदायों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। एक इस्राईली मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर सप्ताह धार्मिक विवाद और झड़पों के नए मामले सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हालात ऐसे बन रहे हैं जिन्हें “आंतरिक संघर्ष” या “गृह कलह जैसी स्थिति” कहा जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद का सबसे बड़ा कारण शनिवार के दिन कैफे, सिनेमाघर, शॉपिंग सेंटर और अन्य मनोरंजन स्थलों का खुला रहना है। कट्टरपंथी धार्मिक समूह इसे यहूदी परंपराओं के खिलाफ मानते हैं और इसका विरोध कर रहे हैं।
इस्राईल के रमत गन शहर में स्थित ‘बैंडिटा’ कैफे को पिछले डेढ़ महीने में तीन बार आग के हवाले किया गया। पहले बाहर रखी गई मेजों में आग लगाई गई, फिर कैफे की बाहरी दीवार को निशाना बनाया गया और बाद में मुख्य दरवाजे में आग लगा दी गई। बताया जा रहा है कि कैफे शनिवार को भी खुला रहता था, जिससे कट्टरपंथी नाराज थे।
वहीं, यरुशलम में भी शनिवार को खुले रहने वाले एक कैफे को लेकर लगातार दूसरे सप्ताह विरोध प्रदर्शन हुए। धार्मिक प्रदर्शनकारियों और कैफे के समर्थन में पहुंचे धर्मनिरपेक्ष लोगों के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यरुशलम के उप-मेयर के एक प्रतिनिधि ने भी ऐसे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की बात स्वीकार की। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रभावशाली धार्मिक नेताओं के समर्थन से यह विवाद और गहरा सकता है।
एक धार्मिक नेता ने कहा कि यरुशलम एक पवित्र शहर है और शनिवार उसकी धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि शनिवार की पवित्रता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
हालांकि, धर्मनिरपेक्ष समुदाय का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और कारोबार को लेकर लोगों को अपनी पसंद की आजादी मिलनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।

