बगदाद: अल-मयादीन की रिपोर्ट के अनुसार, इराकी सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ के प्रवक्ता सबा अल-नुमान ने कहा है कि इराक देश से अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बलों की वापसी के लिए तय समय-सारणी का पूरी तरह पालन कर रहा है।
उन्होंने स्वंयसेवी दलों के हथियारों के मुद्दे पर इराकी सरकार के स्पष्ट रुख को दोहराते हुए कहा कि सशस्त्र समूहों के हथियारों को राज्य की संस्थाओं और कानूनी ढांचे में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अल-नुमान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बलों की इराक से वापसी की प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरी हो जाएगी। उन्होंने इसे इराक की संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि 30 सितंबर इराक के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिन होगा और इस तारीख के साथ देश के इतिहास में एक नया अध्याय शुरू होगा।
इराकी अधिकारी ने कहा कि सरकार हथियारों की स्थिति को व्यवस्थित करने और उन्हें राज्य के नियंत्रण में लाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिन सशस्त्र समूहों ने देश की सुरक्षा में भूमिका निभाई और सुरक्षा बलों के समर्थन तथा देश की रक्षा में योगदान दिया, उनके हथियारों की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
अल-नुमान ने स्पष्ट किया कि देश की रक्षा करने वाले हथियारों को हाशिये पर नहीं डाला जाएगा, बल्कि उन्हें निश्चित रूप से राज्य के कानूनी ढांचे में शामिल किया जाएगा। साथ ही इन बलों के योगदान और उनके बलिदानों को भी मान्यता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ेगी, जिसका उद्देश्य कानून के शासन को मजबूत करना तथा एक एकीकृत, शक्तिशाली और राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान का निर्माण करना है।
सबा अल-नुमान ने कहा कि गठबंधन के अंतिम सैनिक की वापसी का समय अब करीब आ गया है और इराक को विश्वास है कि उसके सुरक्षा बल देश की संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि हथियारों पर राज्य का एकाधिकार इराक की संप्रभुता और जनता की मांग है। इस प्रक्रिया को किसी विदेशी हस्तक्षेप के बिना, केवल इराकी पक्षों के बीच संवाद के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
इराकी रक्षा मंत्रालय ने देश की वायु रक्षा क्षमताओं के विस्तार और विकास के लिए एक योजना तैयार की है। अल-नुमान के अनुसार, इस योजना के तहत पहली वायु रक्षा प्रणालियों की डिलीवरी भी जल्द शुरू होगी।
इराक का संदेश स्पष्ट है कि विदेशी सैन्य उपस्थिति की समाप्ति के साथ-साथ बगदाद अपनी वायु रक्षा को मजबूत करने, हथियारों को राज्य के नियंत्रण में लाने और एक एकीकृत राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

