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भारत में YouTube और सोशल मीडिया से आय में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ

भारत में YouTube और सोशल मीडिया से आय में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ

भारत में YouTube और Instagram पर कंटेंट बनाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि व्यूज़ और फॉलोअर्स लोगों का ध्यान जरूर आकर्षित करते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनकी आय भी उतनी ही अधिक होगी।

YouTube के अनुसार, दुनियाभर में 30 लाख से अधिक चैनल YouTube Partner Program में शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में YouTube ने वैश्विक स्तर पर क्रिएटर्स, कलाकारों और मीडिया कंपनियों को 100 अरब डॉलर से अधिक का भुगतान किया है।

Google के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने बताया कि उसके क्रिएटर इकोसिस्टम ने भारत की GDP में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया है। Oxford Economics के अनुसार, इस इकोसिस्टम ने 9 लाख 30 हजार से अधिक पूर्णकालिक समकक्ष नौकरियों को समर्थन दिया है।

कंपनी ने यह भी बताया कि 2022 से 2024 के बीच भारत में क्रिएटर्स, कलाकारों और मीडिया कंपनियों को 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।

व्यूज़ से वास्तव में कितनी कमाई होती है?

दिलचस्प बात यह है कि इसकी कोई निश्चित दर नहीं है। YouTube का RPM (Revenue Per Mille) यानी हर 1,000 व्यूज़ पर क्रिएटर को मिलने वाली आय कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें दर्शकों का भौगोलिक स्थान, कंटेंट का प्रकार, विज्ञापनदाताओं के बीच उस कंटेंट की मांग और यह बात शामिल है कि किसी व्यू से वास्तव में आय हुई या नहीं।

YouTube की कमाई की व्यवस्था केवल विज्ञापनों तक सीमित नहीं है। इसमें YouTube Premium, Shopping, Memberships और प्रशंसकों की ओर से मिलने वाली वित्तीय सहायता जैसे स्रोत भी शामिल हैं।

दर्शकों के स्थान के अनुसार विज्ञापन दरों में अंतर

भारत और अधिक समृद्ध विज्ञापन बाजारों के बीच का अंतर भी महत्वपूर्ण है। YouTube के अनुसार, विज्ञापन की दर दर्शकों के भौगोलिक स्थान के आधार पर अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि अलग-अलग बाजारों में विज्ञापनदाता अलग-अलग स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हैं।

इसलिए बड़ी संख्या में भारतीय दर्शक रखने वाला कोई क्रिएटर यह मानकर नहीं चल सकता कि उसे उतनी ही विज्ञापन आय मिलेगी, जितनी ऐसे क्रिएटर को मिलती है जिसके दर्शक मुख्य रूप से अमेरिका या ब्रिटेन में हैं।

YouTube के अनुसार, उसका Partner Program विज्ञापन, YouTube Premium, YouTube Shopping और ब्रांड साझेदारी के अवसर उपलब्ध कराता है।

1,000 व्यूज़ पर 1 से 30 डॉलर तक

Influencer Marketing Hub के जुलाई 2026 के विश्लेषण के अनुसार, दुनियाभर में YouTube क्रिएटर्स का सामान्य RPM यानी प्रत्येक 1,000 व्यूज़ पर क्रिएटर को मिलने वाली आय लगभग 1 से 30 डॉलर के बीच होती है।

वहीं, कुछ अधिक मूल्य वाले क्षेत्रों में यह राशि 20 से 40 डॉलर या उससे भी अधिक हो सकती है। हालांकि, ये आंकड़े भारत के लिए विशेष रूप से निर्धारित नहीं हैं और न ही ये YouTube द्वारा तय की गई कोई आधिकारिक दर है।

Instagram की स्थिति

Instagram के मामले में स्थिति अलग है। सामान्य Instagram व्यूज़ के लिए भारत में Meta के पास YouTube की तरह आय में हिस्सेदारी देने की कोई समान वैश्विक व्यवस्था नहीं है।

क्रिएटर्स के लिए ब्रांड साझेदारी और कॉमर्स आय के प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा Meta की ओर से उपलब्ध मोनेटाइजेशन सुविधाएं और उनके लिए पात्रता अलग-अलग बाजारों तथा क्रिएटर्स के अनुसार बदलती रहती हैं।

Confluenсe के अनुसार, 2026 में भारत में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग पर लगभग 3,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

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