वक़्फ़ संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास
वक़्फ़ संशोधन बिल गुरुवार देर रात राज्यसभा में भी पास हो गया। बिल के समर्थन में 128 सांसदों ने वोट दिया और विरोध में 95 वोट दिया। इससे पहले बुधवार देर रात को वक़्फ़ संशोधन बिल लोकसभा में पास हुआ था। राज्यसभा में आधी रात तक चली मैराथन चर्चा का अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब दिया।इसके बाद बिल पर क्लॉज बाई क्लॉज वोटिंग हुई। इस बिल को राज्यसभा में डिवीजन के बाद पारित कर दिया गया है।
लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े थे और विरोध में 232 वोट मिले थे। राज्यसभा में बिल पर गुरुवार दोपहर 1 बजे से चर्चा जारी थी। जो करीब 13 घंटे चली। राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि, मेरी किस्मत अच्छी है कि मुझे सुनने के लिए गृहमंत्री भी है, लेकिन गुफ्तगु कर रहे हैं। वक़्फ़ बिल के बारे में सारे देश में ऐसा माहौल बना है कि माइनॉरिटीज को तंग करने के लिए ये बिल लाया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई बहुत से बदलाव अगर 1995 के एक्ट से होते तो हम मान लेते। जो वहां है वो इसमें डाल दिया। जो नहीं डालना चाहिए वो भी डाल दिया। बीजू जनता दल (BJD) ने वक़्फ़ बिल पर कहा है कि पार्टी ने अपने सांसदों को कोई व्हिप जारी नहीं किया है। सांसद अपनी अंतरात्मा की सुने और वक़्फ़ बिल पर फैसला लें।
वक़्फ़ बिल पर चर्चा करते हुए राज्यसभा सांसद मनोज झा ने प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का जिक्र करते हुए कहा कि कोई बता सकता है कि दुकानदार हरखू था या हरेंद्र। आज कैसा माहौल है। हमें बचपन से मार्जिन छोड़ने की आदत हो गई है। इस देश के हिंदुओं को मुस्लिमों की, मुस्लिमों को हिंदुओं की आदत है। ये आदतें मत बदलवाइए।
लखनऊ के एक मशहूर शायर थे, बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए। नेहरू से दोस्ती थी, वापस चले आए। लोगों ने पूछा तो कहा कि वहां बहुत मुसलमान थे, मिलाजुला देखने की आदत है।
लोकतंत्र में सौगात और तोहफा नहीं होते। कल गृहमंत्री को सुन रहा था। बहुत अच्छे से वक्फ का मतलब बता रहे थे। कुछ तो समान है तैयारी के मामले में। आप पहली बार सुधार नहीं कर रहे हैं, सुधार आगे भी होंगे। बाबा साहब को कोट करते हुए कहा कि आज आइसोलेशन और एक्सक्लूजन, दोनों चीजें बहुतायात में हैं। ये उचित नहीं है।