लोक सभा में वक़्फ़ संशोधन बिल 288 मतों से पास
सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच लंबी चर्चा और बहस के बाद इस बिल को पास किया गया। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर वोटिंग हुईं। ओम बिरला ने बताया कि इस बिल के समर्थन में 288 और 232 वोट विरोध में पड़े। 2 अप्रैल को दिन में 12 बजे हुआ पेश और देर रात 12 बजकर 46 मिनट (3 अप्रैल) को हुआ पास।
12 घंटे की चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरण रिजिजू ने बिल पास कराये जाने हेतु वोटिंग की माँग की। इस बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पूरे दिन बहस चली। बिल पर बहस को लेकर लोकसभा की कार्यवाही को भी आगे बढ़ाया गया। आखिकार देर रात वक्फ संशोधन अधिनियम पर वोटिंग हुई और बिल पास हो गया।
पक्ष में पड़े मत -288
विपक्ष में पड़े मत -232
अनुपस्थित-1
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “ये बिल पूरी तरह से संवैधानिक है हम सभी मुस्लिमों को एक करने की कोशिश कर रहे हैं।”
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “कुछ सदस्यों ने तर्कहीन मुद्दे उठाए। ये बिल पूरी तरह से संवैधानिक है। वक्फ by user अगर किसी ने कहा कि ये जमीन ऐसे इस्तेमाल होता था, तो वक्फ बोर्ड कहने पर ऐसा कर देता है, तो इसके लिए प्रमाण करिए। जब इल्जाम लगाते हैं तो बिना किसी तर्क के इल्जाम नहीं लगाना चाहिए ।
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “आज देश में तानाशाही चल रही है। सरकार मुस्लिमों में जो खराब लोग हैं, उनके लिए रास्ता बना रही है कि तुम्हें वक्फ से बचना है तो तुम ट्रस्ट बना लो। ओवैसी ने कहा- “इस बिल में वक्फ अल औलाद का नियम आर्टिकल 25 का वाइलेशन है।
यह कानून देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद पैदा करने के लिए लाया गया है। यह दोनों धर्मों के लोगों के बीच विवाद बढ़ाने के लिए लाया गया है। इस बिल का मकसद सिर्फ मुसलमानों को जलील और रुसवा करना है और उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक बनाना है।
महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रिका के कानून को फाड़ दिया था तो मैं भी इसे फाड़ देता हूं।” इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी ने संविधान संशोधन विधेयक की प्रति को फाड़ दी।