कुलदीप सेंगर की जमानत को सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में उन्नाव रेप पीड़िता
उन्नाव रेप कांड की पीड़िता ने आरोपी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। उन्होंने साफ कहा है कि वह हाईकोर्ट के इस फैसले से बेहद नाखुश हैं और उन्हें न्यायपालिका की सर्वोच्च संस्था पर पूरा भरोसा है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पीड़िता ने बताया कि हाईकोर्ट का फैसला उनके लिए मानसिक रूप से बहुत आघात पहुंचाने वाला रहा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि वह आगे नहीं जी पाएंगी, लेकिन बच्चों और परिवार के बारे में सोचकर उन्होंने खुद को संभाला। उनका कहना है कि अगर वह लड़ाई छोड़ देतीं, तो उन्हें कभी इंसाफ नहीं मिलता। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन बचना ही इस बात का संकेत है कि न्याय के लिए संघर्ष जारी रखना चाहिए।
पीड़िता ने स्पष्ट किया कि वह अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगी और उम्मीद जताई कि वहां से उन्हें न्याय मिलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि न्यायालय से राहत नहीं मिली, तो उन्हें जनता पर भरोसा है कि सच के साथ खड़ी होगी।
पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलदीप सेंगर के इशारों पर पुलिस और काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि जेल में रहते हुए भी सेंगर ने गवाह वीरेंद्र यादव पर गुंडा एक्ट लगवाया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 50 दिनों तक जेल में रखा गया और प्रताड़ित किया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के समय पर सवाल उठाते हुए पीड़िता ने कहा कि सेंगर को जमानत ऐसे समय दी गई, जब अदालतों की छुट्टियां शुरू होने वाली थीं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके चाचा, जिन पर कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ, अब भी जेल में हैं, जबकि बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में दोषी व्यक्ति को जमानत मिल रही है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि कुलदीप सेंगर, बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े मामले में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से गंभीर हालत में होने के बावजूद पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और जबरन उठाकर बस में डाल दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2017 के उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल स्थगित करते हुए उन्हें जमानत दे दी है।

