मुंबई विश्वविद्यालय 31पूर्व अरबपति छात्रों के साथ दुनिया के शीर्ष 10 संस्थानों में शामिल
ह्यूमनाइज एआई (HumanizeAI) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत अरबपति पैदा करने वाले विश्वविद्यालयों के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। देश के 29 शैक्षणिक संस्थानों से ऐसे छात्र निकले हैं जो आगे चलकर अरबपति बने। फोर्ब्स (Forbes) की 2026 की अरबपतियों की सूची के आंकड़ों पर आधारित इस अध्ययन में पाया गया कि अरबपति पूर्व छात्रों वाले विश्वविद्यालयों की संख्या के आधार पर भारत केवल अमेरिका और चीन से पीछे है।
रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि मुंबई विश्वविद्यालय दुनिया के उन शीर्ष 10 शैक्षणिक संस्थानों में शामिल हो गया है जिनके सबसे अधिक पूर्व छात्र अरबपति हैं। इस सूची में मुंबई विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त हुआ है और इसका नाम हार्वर्ड विश्वविद्यालय, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) तथा येल विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ दर्ज किया गया है।
अध्ययन के अनुसार, मुंबई विश्वविद्यालय से अब तक 31 अरबपति पूर्व छात्र निकले हैं, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 232.6 अरब डॉलर आंकी गई है। इन अरबपतियों की औसत संपत्ति लगभग 7.5 अरब डॉलर प्रति व्यक्ति है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकांश अरबपति पूर्व छात्र पारिवारिक स्वामित्व वाले बड़े व्यावसायिक समूहों या संस्थापकों द्वारा संचालित कंपनियों से जुड़े हैं, जो ऊर्जा, दूरसंचार, खुदरा व्यापार और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं। विश्वविद्यालय के प्रमुख अरबपति पूर्व छात्रों में मुकेश अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला और राधाकिशन दमानी शामिल हैं।
अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत में अरबपति बनने का मॉडल अमेरिका और चीन से अलग है। अमेरिकी विश्वविद्यालयों से जुड़े अरबपति आमतौर पर स्टार्टअप, वेंचर कैपिटल और वित्तीय बाजारों से जुड़े होते हैं, जबकि चीनी संस्थानों के अरबपति प्रायः फिनटेक और ई-कॉमर्स क्षेत्रों से आते हैं। इसके विपरीत, भारत के अधिकांश अरबपति अभी भी लंबे समय से स्थापित औद्योगिक समूहों, विनिर्माण व्यवसायों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और पारिवारिक प्रबंधन वाले उद्यमों से जुड़े हुए हैं।
मुंबई विश्वविद्यालय के अलावा, इस सूची में भारत के अन्य प्रमुख संस्थानों जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, राजस्थान विश्वविद्यालय, कलकत्ता विश्वविद्यालय तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे को भी स्थान मिला है।
ह्यूमनाइज एआई ने मार्च 2026 तक उपलब्ध फोर्ब्स के आंकड़ों का उपयोग करते हुए दुनिया भर के 3,184 अरबपतियों का विश्लेषण किया। इनमें से 78.91 प्रतिशत अरबपतियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड उपलब्ध थे, जबकि लगभग 21.09 प्रतिशत के बारे में जानकारी अधूरी थी या उपलब्ध नहीं थी।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि वैश्विक स्तर पर अरबपति पूर्व छात्र अभी भी कुछ चुनिंदा संस्थानों तक ही सीमित हैं। विश्लेषण किए गए सभी अरबपतियों में से लगभग 45.38 प्रतिशत दुनिया की केवल 100 विश्वविद्यालयों से स्नातक हैं, जो यह दर्शाता है कि वैश्विक संपन्नता और उच्च शिक्षा के बीच एक मजबूत संबंध बना हुआ है।

