कामकाज की समीक्षा के लिए मोदी सरकार के मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर
मोदी सरकार के मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज से शुरू हो गया है। 24 सितंबर तक चलने वाले इस शिविर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट मंत्रियों के साथ मंत्रालयों के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसकी थीम ‘विकसित भारत 2047’ रखी गई है।
सरकार के एक मंत्री के मुताबिक, पहले दिन सभी मंत्री अपने-अपने मंत्रालय के कामकाज का प्रेजेंटेशन देंगे। इसमें उपलब्धियों के साथ प्रमुख चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। दूसरे दिन इन प्रस्तुतियों का रिव्यू किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रियों के कामकाज को एक्सीलेंट, गुड, एवरेज और पुअर जैसी श्रेणियों में आंका जा सकता है। इस समीक्षा को आगामी कैबिनेट विस्तार में संभावित फेरबदल के लिए भी आधार माना जा रहा है।
चार प्रमुख मुद्दों पर फोकस
शिविर में जेनजी, यूजीसी से जुड़े मुद्दे, महिला आरक्षण तथा युवा और रोजगार प्रमुख विषय होंगे। मंत्रियों से पूछा जाएगा कि उन्होंने युवाओं, खासकर जेनजी, के साथ कितना संवाद किया और उनके क्षेत्र में युवाओं की प्रमुख चिंताएं क्या हैं। यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर भी युवाओं की राय और सरकार की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन पर भी विचार होगा। इसका उद्देश्य 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
विकसित भारत 2047 पर रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2022 को लाल किले से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा था। इसकी तैयारी के तहत 2021 में सचिवों के 10 सेक्टोरल समूह बनाए गए थे। इन समूहों को विजन @2047 और अल्प व दीर्घकालिक योजनाओं का रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। शिविर में मंत्रालयों, विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के कामकाज को एक साथ रखकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

