तेल और गैस के क्षेत्र में 2030 तक 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत इस दशक के अंत तक अपने तेल और गैस क्षेत्र में निवेश को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने का इरादा रखता है और इसके लिए साझेदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
गोवा में आयोजित ऊर्जा क्षेत्र की भारत की वैश्विक सम्मेलन ‘इंडिया एनर्जी वीक’ का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“हम इस दशक के अंत तक तेल और गैस क्षेत्र में निवेश को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य अन्वेषण के क्षेत्र को भी 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक विस्तारित करना है। इस दृष्टि के साथ अब तक 170 से अधिक ब्लॉकों का आवंटन किया जा चुका है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंडमान और निकोबार बेसिन भी भारत के तेल और गैस संसाधनों के लिए अगले संभावित केंद्र के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक बहुत कम समय में संवाद और उसके कार्यान्वयन के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में स्थापित हो गया है। आज भारत तेल और गैस क्षेत्र के लिए अपार अवसरों की भूमि है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। इसके साथ ही देश में ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए भी उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा,
“आज हम दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों के शीर्ष पांच निर्यातकों में शामिल हैं। हमारी निर्यात पहुंच 150 से अधिक देशों तक है और भारत की यह क्षमता आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है।”
इसलिए, इंडिया एनर्जी वीक का यह मंच हमारी साझेदारी की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक उत्कृष्ट स्थान है। इस सम्मेलन में लगभग 125 देशों से ऊर्जा उद्योग के प्रतिनिधि और नीति निर्माता भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं।

