सोशल मीडिया पर क्लिप वायरल होने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ़्तार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने स्वतंत्र को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ़्तार किया है। यह कार्रवाई एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप सामने आने के बाद की गई, जिसमें आरोपी ने कथित तौर पर निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार पर हमला करने की बात कबूल की थी।
दरअसल, यह घटना 23 जून 2026 की है, जब जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था। शिकायतकर्ता संजय कुमार अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। शाम क़रीब 5:30 बजे, जब वह अपने फोन से वीडियो बना रहे थे, तभी एक युवक के साथ उनका विवाद हो गया।
आरोप है कि 2-3 युवकों ने संजय कुमार को घेर लिया और उनके सिर पर मुक्कों तथा लोहे की छड़ जैसी किसी ठोस वस्तु से हमला किया। हमले के बाद संजय को इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल रिपोर्ट में उनके सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए।
संजय कुमार की शिकायत पर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर संख्या 62/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना के समय पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को आरोपी के रूप में नामजद किया था।
इस मामले को उस समय राजनीतिक और कानूनी महत्व मिला, जब सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट क्लिप वायरल हुई। इस क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया कि उन्होंने संजय कुमार के सिर पर हमला किया था। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रभाव के कारण उनके खिलाफ कोई बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई और वे आसानी से बच निकले।
निशु आज़ाद द्वारा एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने पर न्याय की मांग किए जाने के बाद, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
राहुल गांधी की ओर से आश्वासन के बाद, कांग्रेस की कानूनी टीम पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंची और एफआईआर में नफरत फैलाने वाले भाषण, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा आदतन अपराधी से संबंधित धाराएं जोड़ने के साथ-साथ आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

