नई दिल्ली: चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने एक बार फिर साझा मोर्चा बनाया है। मंगलवार को 23 विपक्षी दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत को संयुक्त पत्र लिखकर SIR प्रक्रिया पर अपनी गंभीर चिंताएं जताईं और मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।
पत्र पर कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी (AAP) और डीएमके (DMK) सहित इंडिया गठबंधन के कई दलों के हस्ताक्षर हैं। हाल के राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इन दलों का एक मंच पर आना विपक्षी एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि विपक्षी दलों ने पहले भी इस मुद्दे पर बैठक कर संयुक्त रणनीति बनाने का फैसला किया था। उनके अनुसार, विपक्ष का मानना है कि SIR प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस बीच, SIR से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर न्यायपालिका के समक्ष अपनी चिंताओं को औपचारिक रूप से भी रख चुका है।

