आत्मनिर्भरता वह दीपक है, जो आत्मसम्मान और सामर्थ्य का मार्ग दिखाता है: पीएम मोदी
बजट पेश होने के बाद आज संसद में बजट सत्र पर विस्तृत चर्चा की जानी है। इस अहम मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का संदेश देते हुए एक प्रेरणादायक श्लोक साझा किया। प्रधानमंत्री का यह संदेश बजट की सोच और दिशा को समझाने वाला माना जा रहा है, जिसमें युवाओं की भूमिका को खास तौर पर रेखांकित किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने पोस्ट में लिखा कि आत्मनिर्भरता वह दीपक है, जो आत्मसम्मान और सामर्थ्य का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का बजट देश के युवा साथियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाला है। पीएम मोदी के अनुसार, यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य, रोजगार के अवसरों और देश की दीर्घकालिक प्रगति से भी जुड़ा हुआ है।
अपने संदेश के साथ प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया—
“नाम्भोधिरर्थितामेति सदाम्भोभिश्च पूर्यते।
आत्मा तु पात्रतां नेयः पात्रमायान्ति सम्पदः॥”
इस श्लोक का अर्थ बताते हुए कहा गया कि समुद्र कभी जल के लिए किसी से मांग नहीं करता, फिर भी वह हमेशा जल से भरा रहता है। इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति स्वयं को योग्य और सक्षम बनाता है, तो धन और अवसर अपने आप उसके पास आ जाते हैं। यह श्लोक आत्मनिर्भरता, योग्यता और आत्मबल के महत्व को दर्शाता है।
बजट पेश होने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट को बेहद शानदार बताया था। उन्होंने कहा था कि यह बजट राजकोषीय घाटे को कम करने, महंगाई को नियंत्रण में रखने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है। पीएम मोदी के अनुसार, इस बजट में हाई कैपेक्स यानी पूंजीगत व्यय और हाई ग्रोथ का अनोखा संयोजन देखने को मिलता है, जो भारत की विकास यात्रा को नई गति देगा।
सरकार का मानना है कि यह बजट युवाओं को नए अवसर प्रदान करेगा, रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूत करेगा। संसद में होने वाली चर्चा के दौरान बजट के विभिन्न प्रावधानों और उसके प्रभावों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

