राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा मच गया, जिसके चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए सेना प्रमुख जनरल नरवणे के एक नोट का हवाला दिया और दावा किया कि इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। उन्होंने कहा कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारत की सीमा के करीब 100 मीटर तक आए थे।
राहुल गांधी के यह बयान देते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खड़े हुए और आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन को गुमराह करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए और अपुष्ट जानकारी का सदन में उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिना प्रकाशित स्रोत के जानकारी का जिक्र न किया जाए। इसी दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने भी आपत्ति जताई और कहा कि अध्यक्ष ने पहले ही व्यवस्था कर दी थी कि नरवणे जी की किसी प्रकाशित नहीं हुई किताब का जिक्र सदन में नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि किसी मैगज़ीन आर्टिकल का जिक्र भी सदन में नहीं किया जा सकता।
ओम बिरला ने राहुल गांधी को चेतावनी दी कि वे सदन के नियमों के तहत ही बोलें। यदि वे तथ्यों और नियमों के अनुरूप नहीं बोलेंगे, तो अन्य वक्ता को बोलने का मौका दिया जाएगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा कि यह चर्चा होनी चाहिए कि स्पीकर के फैसले को न मानने वाले सदस्य के साथ क्या किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में बहस कानून और नियमों के अनुसार होनी चाहिए और किसी भी अनाधिकारिक स्रोत का हवाला नहीं दिया जा सकता।
सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार नियमों का उल्लंघन करते हुए चीन से जुड़े बिना सूचीबद्ध मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे थे और मैगज़ीन आर्टिकल से उद्धरण देने का प्रयास कर रहे थे। इस पर केंद्रीय मंत्री और सदन के अन्य सदस्य लगातार आपत्ति जताते रहे। अंततः, राहुल गांधी के भाषण के दौरान उत्पन्न हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दिया। इस घटना ने फिर से संसद में नियमों के पालन और सदन में तथ्यों के महत्व पर बहस को उजागर किया।

