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मणिपुर के संगीतकार सी. विक्रम सिंह की हत्या पर विपक्ष में भारी आक्रोश

मणिपुर के संगीतकार सी. विक्रम सिंह की हत्या पर विपक्ष में भारी आक्रोश

दिल्ली के आश्रम इलाक़े में रहने वाले मणिपुर के प्रसिद्ध संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह को अपने घर के नीचे हो रहे शोर को कम करने के लिए कहना महंगा पड़ गया। कथित तौर पर भीड़ द्वारा की गई मारपीट में उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने एक नाबालिग़  समेत आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में भीड़ द्वारा हिंसा किए जाने का मामला दर्ज किया है।

इस घटना को लेकर विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि, पूर्वोत्तर के लोग अपनी राज्य की सीमा के भीतर और उसके बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं तथा दिल्ली अपराध की राजधानी बन चुकी है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि, इस घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि इसमें भाजपा की क्या भूमिका है और कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए।

गौरतलब है कि सोमवार को कालकाजी गांव में देर रात सी. विक्रम सिंह अपने घर के नीचे बज रहे डीजे आदि का शोर कम कराने के लिए गए थे। आरोप है कि वहां कई लोगों ने उन्हें बेरहमी से पीटा। शोर सुनकर जब उनका बेटा नीचे आया, तब तक आरोपी वहां से भाग चुके थे। उनके बेटे याइफाबा अपने पिता को घायल अवस्था में अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

इस घटना पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, भीड़ ने विक्रम सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने इसे भाजपा के शासन में बढ़ती कानून-व्यवस्था की बदहाली का एक और दिल दहला देने वाला उदाहरण बताया। खड़गे ने कहा कि छात्र असुरक्षित हैं, महिलाओं को हर दिन अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है और पूर्वोत्तर भारत के लोगों को भेदभाव झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक भी सुरक्षित नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की निगरानी में दिल्ली अपराध की राजधानी बन गई है और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में साल-दर-साल अपराध का स्तर बेहद ऊंचा बना हुआ है। खड़गे ने कहा कि, मोदी सरकार की अक्षमता के कारण मणिपुर के लोग अपनी राज्य की सीमा के भीतर और उसके बाहर भी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने भी सरकार पर साधा निशाना

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि केवल शोर कम करने के लिए कहने पर विक्रम सिंह को पीट-पीटकर मार डाला गया। उन्होंने कहा, “एक पिता को उसके अपने घर के बाहर, अपने ही देश की राजधानी में मार दिया गया।” राहुल गांधी ने कहा कि, इस तरह की कई घटनाओं के बाद दिल्ली में रहने वाला पूर्वोत्तर का हर व्यक्ति आज यही सवाल पूछ रहा है—क्या हम यहां सुरक्षित हैं?

उन्होंने सवाल किया कि अमित शाह के नेतृत्व वाला गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस बढ़ती कानून-व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं, खासकर पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ होने वाली घटनाओं को लेकर। राहुल गांधी ने कहा कि मामले की तत्काल जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बीचों-बीच विक्रम सिंह की बेरहमी से हत्या होना पूरे देश के लिए शर्म की बात है। उन्होंने सवाल किया, “क्या अब यही होगा? क्या एक पिता अपने घर की दहलीज पर भी सुरक्षित नहीं है?”

प्रियंका गांधी ने कहा कि विक्रम सिंह को न्याय मिलना चाहिए और दिल्ली पुलिस को हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश की राजधानी है और शहर में हिंसा को बेरोकटोक जारी रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

“इसमें भाजपा की क्या भूमिका है?” — किरेन रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने दक्षिणी रेंज के अधिकारियों तथा दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के डीसीपी और संयुक्त पुलिस आयुक्त से बात की है। उन्होंने कहा कि मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

रिजिजू ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा के लिए एक विशेष सेल काम कर रहा है और सरकार अदालत में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेगी। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा, “इसमें भला भाजपा की क्या भूमिका है? यह राजनीति का विषय नहीं है।” उन्होंने कहा कि ऐसी घटना के बाद दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जानी चाहिए और मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय कानून के अनुसार कार्रवाई पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

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