ISCPress

आजमगढ़ में मुस्लिम-यादव वोटर मेरे साथ हैं: निरहुआ

आजमगढ़ में मुस्लिम-यादव वोटर मेरे साथ हैं: निरहुआ

आजमगढ़ में दो लोकसभा सीटों आजमगढ़ और लालगंज संसदीय सीट के लिए चुनाव होने हैं। इस बार आजमगढ़ संसदीय सीट जातीय समीकरण में उलझी हुई है। इसका कारण कोई और नहीं बल्कि भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ है। फिल्मों से राजनीति में एंट्री करते ही ‘निरहुआ’ ने अखिलेश के ‘यादव फैक्टर’ को गड़बड़ कर दिया।

बता दें कि आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र में यादव, मुस्लिम और दलित मतदाताओं की संख्या 49 प्रतिशत है। शेष 51 प्रतिशत में सवर्ण और अन्य मतदाता है। पिछले चुनाव में जातीय समीकरण की गोटी सेट कर भाजपा इस सीट पर परचम लहरा चुकी है, लेकिन उस चुनाव में भाजपा की जीत का मुख्य कारण गुड्डू जमाली थे जो बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे, जिसके कारण मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण हो गया था।

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ सीट से इस बार भी भारतीय जनता पार्टी ने भोजपुरी सुपरस्टार निरहुआ को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने धर्मेंद्र यादव को इस सीट से टिकट दिया है। इस बीच निरहुआ ने दावा किया है कि क्षेत्र के यादव और मुस्लिम वोटर उनके साथ हैं। इसी वजह से वह पिछला चुनाव जीतने में सफल रहे थे।

उत्तर प्रदेश में यादव और मुस्लिम समाज आमतौर पर समाजवादी पार्टी का वोट बैंक माना जाता है। ऐसे में निरहुआ का यह बयान अखिलेश यादव को पसंद नहीं आएगा। निरहुआ ने यह भी कहा कि उन्होंने पूरे आजमगढ़ की जिम्मेदारी ली है और जितना समय मिला है, उसमें जमकर काम भी किया है। अब उनकी कोशिश बड़ी हासिल करने की है।

दिनेश लाल यादव ने यादव और मुस्लिम वोटर्स को लेकर कहा कि अगर मुस्लिम और यादव वोटर उनके साथ नहीं होते तो वह चुनाव कैसे जीतते। उन्होंने दावा किया कि सभी जाति और धर्म के लोगों ने उन्हें वोट देकर चुनाव जिताया था। निरहुआ ने यह भी साफ किया कि आजमगढ़ के समीकरण ऐसे हैं कि मुस्लिम और यादव वोट बैंक के बिना कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सकता।

क्षेत्र की जनता पर भरोसा जताते हुए उन्होंने फिर से जीत का दावा कियाइसके साथ ही उन्होंने कहा कि बाकी सभी पार्टियां अलग-अलग समुदाय के लोगों का वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती हैं। सभी लोग यह बात समझ चुके हैं और मोदी जी सभी के लिए काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा था कि आजमगढ़ अनंतकाल तक विकास की राह पर चलता रहेगा।

Exit mobile version