झूठी या भ्रामक खबरों के लिए महाराष्‍ट्र सरकार ने  दिशानिर्देश जारी किया

झूठी या भ्रामक खबरों के लिए महाराष्‍ट्र सरकार ने  दिशानिर्देश जारी किया

महाराष्ट्र सरकार के संबंध में कई ऐसी खबरें प्रसारित और प्रकाशित की जाती हैं जो गलत सूचनाओं पर आधारित या भ्रामक होती हैं, राज्य सरकार अब ऐसी खबरों पर नजर रखने और गलत खबरों में सुधार जारी करने और अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने के लिए सक्रिय हो गई है।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य प्रशासन से संबंधित समाचारों का विश्लेषण करने और किसी भी झूठी या भ्रामक रिपोर्ट पर त्वरित स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया देने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सरकार की इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों की समस्याएं हल होंगी।

आधिकारिक आदेशों के मुताबिक, डीजीआईपीआर ऐसी किसी भी खबर को संबंधित सरकारी विभाग के साथ साझा करेगा, जो आवश्यक जानकारी एकत्र करेगा और 12 घंटे के भीतर डीजीआईपीआर को उपलब्ध कराएगा, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल मीडिया में प्रकाशित किसी भी झूठी खबर पर संबंधित मंत्री या सरकारी अधिकारी को 2 घंटे के भीतर अपनी प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण देना होगा।

दिशानिर्देशों में आगे कहा गया है कि सभी सरकारी विभागों को संयुक्त सचिव या उप सचिव स्तर के एक नोडल अधिकारी को नामित करना होगा जो जल्द से जल्द डीजीआईपीआर को जानकारी प्रदान करेगा। डीजीआईपीआर उसी दिन अपनी वेबसाइट और ब्लॉग पर स्पष्टीकरण प्रकाशित करेगा और संबंधित मीडिया हाउसों को भी स्पष्टीकरण भेजेगा।

इसके अलावा, राज्य के मामलों से संबंधित जानकारी उचित कार्रवाई के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) को भी प्रदान की जाएगी।

डीजीआईपीआर उसी दिन अपनी वेबसाइट और ब्लॉग पर स्पष्टीकरण प्रकाशित करेगा और संबंधित मीडिया हाउसों को भी स्पष्टीकरण भेजेगा। इसके अलावा, राज्य के मामलों से संबंधित जानकारी उचित कार्रवाई के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) को भी प्रदान की जाएगी।

दिशानिर्देशों के अनुसार, डीजीआईपीआर यह सुनिश्चित करेगा कि मीडिया हाउस को भेजा गया स्पष्टीकरण प्रकाशित हो और आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई भी की जाएगी।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक ब्रिजेश सिंह ने इस पहल को शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से मीडिया में उजागर होने वाली समस्याओं का तुरंत समाधान करने में मदद मिलेगी और एक प्रभावी जन शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित होगी।

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