कल खुलेगा जियो का IPO, निवेशकों में 30 गुना से अधिक मांग
रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO बुधवार को खुलेगा, लेकिन इससे पहले ही संस्थागत निवेशकों ने इसमें जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई है। संस्थागत निवेशकों के लिए 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित किए गए हैं, जबकि उनकी ओर से लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये के शेयर ख़रीदने की मांग प्राप्त हुई है। वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों, संप्रभु धन कोषों, घरेलू म्यूचुअल फंडों और बीमा कंपनियों सहित कई बड़े निवेशकों ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से पहले ही जियो के शेयर ख़रीदने की पेशकश की है।
किन वैश्विक संस्थानों ने दिलचस्पी दिखाई?
सूत्रों के अनुसार, जियो के 8,110 करोड़ रुपये के शेयर ‘एंकर बुक’ के लिए उपलब्ध थे, लेकिन इनके मुकाबले 30 गुना से अधिक मांग प्राप्त हुई। एंकर बुक में उन संस्थागत निवेशकों को शेयर आवंटित किए जाते हैं, जो आम जनता के लिए IPO खुलने से पहले निवेश करते हैं।
वैश्विक निवेश कंपनियों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और जेनस हेंडरसन ने शेयर खरीदने के लिए बोलियां लगाई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सिंगापुर के जीआईसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और नॉर्वे के नॉर्गेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट जैसे संप्रभु धन कोषों तथा सरकारी निवेश संस्थानों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है।
भारतीय संस्थान भी शेयर खरीदने के इच्छुक
भारतीय संस्थागत निवेशकों ने भी इसमें उल्लेखनीय भागीदारी दिखाई है। एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने भी निवेश के लिए बोलियां लगाई हैं।
एलआईसी, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई पेंशन फंड, एचडीएफसी पेंशन और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल जैसे बीमा तथा पेंशन संस्थान भी बोली लगाने वालों में शामिल हैं।
कल से शेयर ख़रीदने की प्रक्रिया शुरू होगी
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। आम निवेशकों के लिए शेयर ख़रीदने की प्रक्रिया 21 अक्टूबर को शुरू होगी और 23 अक्टूबर को समाप्त होगी।
प्रति शेयर कीमत 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच निर्धारित की गई है। इस पेशकश के तहत अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। उम्मीद है कि यह IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO बनेगा।
2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग का क्या मतलब है?
मान लीजिए कि किसी दुकान में 100 रुपये का सामान बिक्री के लिए रखा गया है, लेकिन उसे खरीदने के लिए लोग 3,000 रुपये देने को तैयार हैं। इसका मतलब है कि सामान की मांग उसकी उपलब्ध मात्रा से कहीं अधिक है।
इसी तरह, जियो ने एंकर निवेशकों के लिए 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित किए हैं, जबकि निवेशक लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये के शेयर ख़रीदने की इच्छा जता रहे हैं। यानी उपलब्ध शेयरों की तुलना में निवेशकों की मांग 30 गुना से भी अधिक है।
एंकर निवेशक कौन होते हैं?
एंकर निवेशक बड़े वित्तीय संस्थान होते हैं, जो IPO आम जनता के लिए खुलने से पहले ही उसमें निवेश करते हैं। इनमें बड़े म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, पेंशन फंड और वैश्विक निवेश संस्थान शामिल होते हैं।
इन निवेशकों की भागीदारी को अक्सर IPO में बड़े संस्थानों के भरोसे और दिलचस्पी के संकेत के रूप में देखा जाता है।
IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
जियो प्लेटफॉर्म्स इस IPO के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाएगी। इस रकम का एक बड़ा हिस्सा जियो के दूरसंचार कारोबार से जुड़े कर्ज का भुगतान करने में इस्तेमाल किया जाएगा। शेष राशि का उपयोग सेवाओं और कारोबार के विस्तार तथा विकास के लिए किया जाएगा।

