दिल्ली में जामिया मिल्लिया के छात्रों ने वक़्फ़ बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia)के छात्रों ने शुक्रवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ विश्वविद्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान विधेयक की काॅपियां भी जलाई गईं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और अन्य छात्र समूहों के नेतृत्व में यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय के गेट नंबर सात के पास हुआ।
विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विधेयक के खिलाफ भाषण दिए और सरकार पर वक़्फ़ संपत्तियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। विरोध के तौर पर उन्होंने विधेयक की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परिसर अधिकारियों ने सुरक्षा कर्मियों को लगातार सीटी बजाने का निर्देश देकर उनके प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की।
एक बयान में, आइसा ने विधेयक को “असंवैधानिक और सांप्रदायिक” करार देते हुए इसकी निंदा की तथा छात्र असंतोष को दबाने के प्रयास के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना की।
बयान के मुताबिक, “तानाशाही का परिचय देते हुए जामिया प्रशासन ने परिसर को बंद कर दिया, सभी गेट बंद कर दिए और छात्रों को अंदर आने और बाहर निकलने से रोक दिया गया। जब छात्रों ने इस दमनकारी कदम पर सवाल उठाया और गेट पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए, तो प्रशासन को दबाव में झुकना पड़ा और गेट खोलना पड़ा।”
बता दें कि, विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने पारित कर दिया है। वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक बृहस्पतिवार को लोकसभा और शुक्रवार तड़के राज्यसभा में पारित हो गया। सत्ताधरिब दल की तरफ़ से दावा किया जा रहा है कि, इस विधेयक का उद्देश्य वक़्फ़ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करना, विरासत स्थलों की सुरक्षा करना और वक्फ बोर्डों और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाना है।