“वोट चोरी नहीं, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग़ चोरी हुआ है: देवेंद्र फडणवीस
नागपुर में रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनावों में कथित अनियमितताओं, वोट चोरी, कानून के उल्लंघन और संस्थागत स्तर पर धांधली जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि सरकार के ख़िलाफ़ कथित लहर का असर भाजपा के चुनावी प्रदर्शन में क्यों दिखाई नहीं देता।
फडणवीस ने राहुल गांधी के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि, कांग्रेस चुनाव में हार के बाद पहले ईवीएम और अब चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि, राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और जनता का उन पर भरोसा कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
अपने बयान में फडणवीस ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए व्यंग्य किया कि “वोट नहीं, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग़ चोरी हुआ है।” उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राहुल गांधी का दिमाग़ तलाशने के लिए एक समिति गठित करने का अनुरोध करेंगे।
फडणवीस ने राहुल गांधी के सर्जिकल स्ट्राइक और चीन की सीमा पर भारतीय सैनिकों से संबंधित बयानों की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि, राहुल गांधी कई बार ग़लत बयान देते हैं और बाद में अदालत में माफी मांगते हैं।
चुनाव आयोग को लेकर फडणवीस ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच कोई मतभेद नहीं है और आयोग के अनुसार फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर विपक्ष की आपत्तियों को भी ख़ारिज किया और कहा कि, इसमें सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करके देश में अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘इंडिया गठबंधन’ अब अस्तित्व में नहीं है और लोकसभा चुनाव के बाद उसके घटक अलग-अलग दिशाओं में चले गए हैं।

