Site icon ISCPress

ब्रिक्स देशों के लिए भारत के निर्यात में 34 प्रतिशत की वृद्धि

ब्रिक्स देशों के लिए भारत के निर्यात में 34 प्रतिशत की वृद्धि

अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस को भारत का निर्यात 34 प्रतिशत बढ़कर 19.9 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। इस वृद्धि में चीन को होने वाले निर्यात में 39 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ये आंकड़े भारत के निर्यात में ब्रिक्स समूह के बढ़ते महत्व को दर्शाते हैं।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया, “जैसे-जैसे भारत ब्रिक्स समूह के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है, ब्रिक्स के सदस्य देशों, विशेष रूप से इसके मूल संस्थापक साझेदार चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस को भारत के निर्यात में सबसे तेज वृद्धि देखने को मिल रही है।”

ब्रिक्स में कौन-कौन से देश हैं?

ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। 2024 में इस समूह में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया, जबकि 2025 में इंडोनेशिया भी इसका सदस्य बन गया।

पिछले वर्ष बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देश बने।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चार मूल ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं को भारत का निर्यात अप्रैल-अगस्त 2025 के दौरान 14.9 अरब डॉलर था, जो अप्रैल-अगस्त 2026 में बढ़कर 19.9 अरब डॉलर हो गया। इस तरह निर्यात में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

चीन को निर्यात में वृद्धि

ब्रिक्स के मूल देशों में चीन भारत के निर्यात में सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश रहा। अप्रैल-अगस्त 2026 के पहले पांच महीनों में चीन को भारत का निर्यात 39 प्रतिशत बढ़कर 9.6 अरब डॉलर हो गया।

इसी अवधि में दक्षिण अफ्रीका को भारत के निर्यात में 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं, ब्राजील और रूस को भारत के निर्यात में क्रमशः 13 प्रतिशत और 11 प्रतिशत की दोहरे अंक वाली वृद्धि दर्ज की गई।

जापान को निर्यात 43 प्रतिशत बढ़ा

जापान को भारत का निर्यात 43 प्रतिशत बढ़कर 3.43 अरब डॉलर हो गया। ऊर्जा उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत कच्चे माल सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत जापान के बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है।

निर्यात में वृद्धि मुख्य रूप से खनिज ईंधन के कारण हुई। खनिज ईंधन के निर्यात में 231.7 मिलियन डॉलर यानी 76 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार में बढ़ोतरी को दर्शाता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और एल्युमीनियम के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

इटली को निर्यात 30 प्रतिशत बढ़ा

अप्रैल-अगस्त 2026 के पहले पांच महीनों में इटली को भारत का निर्यात 3.02 अरब डॉलर से बढ़कर 3.92 अरब डॉलर हो गया, जो लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि है।

दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया को भारत का निर्यात 22 प्रतिशत बढ़कर 3.21 अरब डॉलर हो गया। इस वृद्धि में खनिज, ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक्स, एल्युमीनियम, लोहा एवं इस्पात तथा रसायनों सहित विभिन्न क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारत आयात पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

Exit mobile version