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भारत बना ChatGPT का दूसरा सबसे बड़ा बाजार, 10 करोड़ साप्ताहिक उपयोगकर्ता

भारत बना ChatGPT का दूसरा सबसे बड़ा बाजार, 10 करोड़ साप्ताहिक उपयोगकर्ता

ओपन एआई के सीईओ Sam Altman ने नई दिल्ली में होने वाले India AI Impact Summit से पहले बताया कि भारत अब ChatGPT के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। उनके अनुसार भारत में हर हफ्ते करीब 100 मिलियन यानी 10 करोड़ लोग ChatGPT का उपयोग कर रहे हैं।

उन्होंने यह जानकारी एक लेख में साझा की जो रविवार को The Times of India में प्रकाशित हुआ। उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी युवा आबादी, इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और डिजिटल शिक्षा के विस्तार ने एआई टूल्स को तेजी से लोकप्रिय बनाया है।

दुनिया भर में ChatGPT ने अक्टूबर 2025 में 800 मिलियन साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पार किया था और अब यह संख्या लगभग 900 मिलियन के करीब बताई जा रही है। इस तेज़ वृद्धि में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में छात्र ChatGPT के बड़े उपयोगकर्ताओं में शामिल हैं। वे इसका इस्तेमाल पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी, कोडिंग और शोध कार्यों में कर रहे हैं। इससे शिक्षा का तरीका बदल रहा है और संस्थानों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

अन्य एआई कंपनियां भी भारत को अहम बाजार मान रही हैं। कुछ कंपनियां छात्रों को मुफ्त या कम कीमत पर एआई सेवाएं दे रही हैं। भारत की कीमत को लेकर संवेदनशील बाजार को देखते हुए ओपनएआई ने अगस्त 2025 में नई दिल्ली में अपना कार्यालय खोला और “ChatGPT Go” नाम से सस्ता प्लान शुरू किया, जिसकी कीमत 5 डॉलर से कम रखी गई। बाद में इसे भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए एक वर्ष तक मुफ्त भी उपलब्ध कराया गया।

ऑल्टमैन ने भारत में कंपनी की तीन प्राथमिकताओं का उल्लेख किया:
पहुँच – हर व्यक्ति तक एआई टूल्स उपलब्ध कराना।

अपनाना – स्कूलों, क्लीनिकों और छोटे व्यवसायों में एआई का उपयोग बढ़ाना।

सशक्तिकरण – लोगों को एआई के सही उपयोग के लिए कौशल और विश्वास देना।

उन्होंने माना कि इतने बड़े स्तर पर उपयोग को लंबे समय तक आर्थिक लाभ में बदलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बुनियादी ढांचे और लागत जैसी समस्याएं अभी भी मौजूद हैं।

भारत सरकार का “इंडिया एआई मिशन” इन चुनौतियों से निपटने के लिए काम कर रहा है। इसका उद्देश्य कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाना, स्टार्टअप्स को समर्थन देना और स्वास्थ्य तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में एआई का उपयोग बढ़ाना है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञ, नीति निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सम्मेलन भारत की बढ़ती डिजिटल शक्ति और एआई के क्षेत्र में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाएगा।

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