असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार ने इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद वापस लिया
असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर सामने आ रहा है। पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया। कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने दावा किया था कि पार्टी नेतृत्व की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है। भूपेन बोरा ने इससे पहले बताया कि उन्होंने सुबह करीब 8 बजे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेजा था।
इस्तीफे की खबर सामने आते ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता गुवाहाटी स्थित उनके घर पहुंचे। मौजूदा असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, पार्टी के अन्य नेताओं और सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद बोरा ने यू-टर्न लेते हुए पार्टी में बने रहने का निर्णय किया। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने उन्हें संगठन में अहम भूमिका देने का भरोसा दिलाया।
असम में इस साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में भूपेन बोराह के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी।
खास नेताओं का नाम लेने से बचते हुए भूपेन बोरा ने लगातार अंदरूनी मुद्दों और लीडरशिप की कमजोरी की ओर इशारा किया था। उनका कहना था कि पार्टी में बने रहना मुश्किल हो गया था। असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कई मौकों पर चिंता जताने के बावजूद, टॉप लीडरशिप की ओर से कोई मतलब का जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। मैंने इसके बारे में ध्यान से सोचा है।
कांग्रेस इस्तीफा देने के तुरंत बाद भूपेन बोरा को बीजेपी ने ऑफर दे दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर बोरा बीजेपी में शामिल होते हैं तो वह उन्हें किसी सुरक्षित सीट से चुनाव जितवाने की कोशिश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बोरा ने अभी तक मुझसे या बीजेपी से संपर्क नहीं किया है और फिलहाल हमारा उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संपर्क नहीं है।

