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नए साल पर मणिपुर में फिर सुलगी नफरत की आग

नए साल पर मणिपुर में फिर सुलगी नफरत की आग

नए साल के पहले दिन मणिपुर में ताजा हिंसा हुई, जिसमें सोमवार को थौबल जिले में सशस्त्र हमलावरों ने कम से कम चार लोगों की जान ले ली और 14 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना लिलोंग चिंगजाओ में हुई, जहां लोगों से जबरन वसूली को लेकर हुए झगड़े के बाद हथियारबंद हमलावरों ने लोगों पर गोलियां चला दीं। घायलों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि इंफाल से लगभग 23 किमी दूर थौबल जिले के लिलोंग चिंगजाओ गांव में सोमवार शाम हुए हमले में कम से कम 12 लोग घायल हो गए। घटना के बाद हिंसा शुरू हो गई और कई वाहनों को जला दिया गया।

सूत्रों ने बताया कि हमलावर शाम करीब साढ़े सात बजे गांव पहुंचे और पंगल्स समुदाय के लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सूत्रों ने बताया कि यह मामला गांव से वसूली से संबंधित था। आरोप है कि हमलावर गांव में वसूली करने आए थे। एक सूत्र ने कहा, “वे जबरन वसूली करने आए थे।”

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक पंगल्स मणिपुर की कुल आबादी का सिर्फ आठ फीसदी हैं। लिलोंग चिंगजाओ गांव पंगल्स बहुल है। हमला पूरी तरह टारगेटेड यानी पंगल्स को निशाना बनाने के लिए था। नागा समुदाय की तरह, मैतेई पंगल्स भी 3 मई 2023 से शुरू हुए मैतेई-कुकी संघर्ष में तटस्थ रहे हैं। मैतेई-कुकी संघर्ष में कम से कम 199 लोग मारे गए हैं।

जैसे ही हमले की खबर फैली, प्रशासन ने थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग, इंफाल पूर्व और पश्चिम सहित मैतेई-बहुल घाटी जिलों में कर्फ्यू लगा दिया। लिलोंग के विधायक मोहम्मद अब्दुल नासिर ने द टेलीग्राफ को बताया कि चार लोग मारे गए और कम से कम 12 घायल हो गए, जिनमें से 10 को इंफाल के अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है।

मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने राज्य में शांति की अपील की और लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने और अधिकारियों के साथ सहयोग करने को कहा। एक वीडियो संदेश में उन्होंने हमले की निंदा की और भरोसा दिया कि अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

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