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दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स अकाउंट तुरंत बहाल करने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स अकाउंट तुरंत बहाल करने से इनकार किया

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक एक राजनीतिक अभियान के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बंद किए गए अकाउंट को तत्काल बहाल करने से इनकार कर दिया। अदालत ने इस अभियान के संस्थापक अभिजीत दिपके से कहा कि वे अपनी शिकायत आईटी नियमों के तहत गठित समीक्षा समिति (रिव्यू कमेटी) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने केंद्र सरकार और एक्स को नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही इस पर विचार किया जाएगा। साथ ही अदालत ने दोनों पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि इस याचिका पर “व्यापक विचार-विमर्श” की आवश्यकता है, क्योंकि इसके “दूरगामी प्रभाव” हो सकते हैं।

गौरतलब है कि यह एक्स अकाउंट 21 मई को “कानूनी मांग” के आधार पर ब्लॉक कर दिया गया था। याचिका में सरकार के उस ब्लॉकिंग आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कथित रूप से “राष्ट्रीय सुरक्षा” का हवाला दिया गया था।

अदालत ने आईटी नियमों के तहत गठित समीक्षा समिति को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई (6 जुलाई) से पहले याचिकाकर्ता की शिकायत की समीक्षा करे। अमेरिका में रहने वाले अभिजीत दिपके को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समिति के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति भी दी गई।

सुनवाई के दौरान दिपके के वकील ने दलील दी कि यह अकाउंट पूरी तरह व्यंग्य (सटायर) पर आधारित है। उनका कहना था कि पूरे अकाउंट को ब्लॉक करने के बजाय केवल उन पोस्टों को हटाया या रोका जा सकता था, जिन पर आपत्ति थी।

इस पर अदालत ने कहा कि इस विषय से संबंधित कानून अभी विकास के प्रारंभिक चरण में है और यह मामला कुछ अलग प्रकृति का है, क्योंकि “पूरी गतिविधि स्वयं में कुछ हद तक आक्रामक प्रकृति की प्रतीत होती है।”

उल्लेखनीय है कि यह अभियान 16 मई को शुरू किया गया था। इसकी पृष्ठभूमि में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की 15 मई की एक टिप्पणी थी, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की थी।

इस टिप्पणी के विरोध में सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में युवाओं ने अभिजीत दिपके के अभियान का समर्थन किया और इसे एक ऑनलाइन राजनीतिक पार्टी का रूप दे दिया, जिसका नाम “कॉकरोच जनता पार्टी” रखा गया।

हालांकि अपनी टिप्पणी पर व्यापक आलोचना होने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इस पार्टी के एक्स अकाउंट को बंद कर दिया था।

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