बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिंदे गठबंधन को पूर्ण बहुमत
BMC चुनाव 2026 में पहली बार बीजेपी+ गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है, जो नगर राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। ताज़ा रुझानों के मुताबिक बीजेपी+ 118 सीटों पर आगे है, जिससे यह साफ़ हो गया है कि इस बार सत्ता परिवर्तन लगभग तय है। इससे पहले लगातार यह सवाल उठ रहा था कि क्या राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के हाथ मिलाने से बीजेपी को नुकसान होगा, लेकिन नतीजों ने इस आशंका को पूरी तरह खारिज कर दिया।
रुझानों में उद्धव ठाकरे गुट (SSUBT) सिर्फ 71 सीटों पर आगे दिख रहा है, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर पड़ती नजर आ रही है और यह संकेत भी मिलता है कि महानगरपालिका में उनकी पकड़ अब ढीली पड़ चुकी है। इसके अलावा कांग्रेस 7 सीटों पर आगे है। अभी तक कुल 201 वार्डों के रुझान आ चुके हैं और तस्वीर बेहद साफ़ है- BMC में बीजेपी+ की पहली पूर्ण बहुमत वाली एंट्री होने जा रही है, जबकि उद्धव गुट की शिवसेना को बड़ा झटका लगा है।
1997 से 2022 तक शिवसेना के 12 मेयर रहे। 1997 में मिलिंद वैद्य ने लंबे समय बाद शिवसेना के मेयर पद हासिल किया था। इसके बाद 2022 तक यह पद शिवसेना के पास ही रहा। किशोरी पेडनेकर निवर्तमान मेयर रहीं। उनका कार्यकाल 2022 में खत्म हुआ। इस बीच में विशाखा राउत, नंदू सटम, हरेश्वर पाटिल, महादेव देवले, दत्ता दलवी, शुभा राउल, श्रद्धा जाधव, सुनील प्रभु, स्नेहल आंबेकर, विश्वनाथ महादेश्वर मेयर बने।
अबू आजमी के गढ़ शिवाजी नगर, गोवंडी में AIMIM की एंट्री हो गई है। यहां ओवैसी की पार्टी 136,137 वोटों से आगे चल रही है और उसके जीतने के आसार हैं। इसका मतलब यह हुआ कि अबू आजमी के गढ़ शिवाजी नगर, गोवंडी से सपा का कब्जा हट सकता है।

