बिहार हिजाब विवाद: डॉ. नुसरत परवीन ने पद संभाला: रिपोर्ट
कई हफ्तों की विचार-विमर्श और सलाह-मशवरे के बाद, डॉ. नुसरत परवीन ने औपचारिक रूप से अपना नया पद संभाल लिया है, जिससे उस मामले में स्पष्टता आ गई है जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। इस बात की पुष्टि पटना जिला के सिविल सर्जन ने की है, जिससे उनकी नियुक्ति को लेकर असमंजस समाप्त हो गया है।
सिविल सर्जन ऊनाश कुमार सिंह ने IANS को बताया कि 6 जनवरी को नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नुसरत परवीन का अनिवार्य मेडिकल परीक्षण किया गया और मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट मिलने के बाद ही उन्होंने उसी दिन विभाग में औपचारिक रूप से शामिल हो गईं। हालांकि सिविल सर्जन ने इस मामले में सतर्क रुख अपनाया।
नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि करते हुए उन्होंने कैमरे के सामने बयान दिया और कहा कि उन्होंने केवल अनौपचारिक रूप से जानकारी प्रदान की थी।
डॉ. नुसरत परवीन की नियुक्ति पूरी होने के साथ ही उनके पद को लेकर अटकलें भी आखिरकार समाप्त हो गई हैं। स्पष्ट रहे कि डॉ. नुसरत परवीन की नियुक्ति उस समय विवादित हो गई थी जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में दिखा कि 15 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री कार्यालय में डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देने के लिए आयोजित समारोह के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब खींचने की कोशिश की। इस घटना ने व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया और आलोचनाओं को जन्म दिया और इसके बाद यह विवाद शुरू हुआ।
विपक्षी नेताओं, विशेषकर RJD पार्टी ने इस मामले को उजागर किया और इसके बाद नीतीश कुमार को उनकी इस हरकत की वजह से भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। यह मामला केवल बिहार तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि झारखंड, जम्मू-कश्मीर और यहां तक कि पाकिस्तान में भी चर्चा का विषय बना। कथित तौर पर, सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी मीडिया डॉन की ओर से नीतीश कुमार के खिलाफ धमकीपूर्ण वीडियो भी वायरल हुआ।
IANS के अनुसार, एक मुस्लिम महिला ने मुख्यमंत्री के खिलाफ लखनऊ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई, जबकि फिल्म अभिनेत्री राखी सावंत ने भी इस मामले में सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री की आलोचना की।

