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बिहार: चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ कांग्रेस अदालत पहुँची

बिहार: चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ कांग्रेस अदालत पहुँची

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस पार्टी के छह उम्मीदवारों ने पटना उच्च न्यायालय में चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर कर चुनाव को रद्द करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं में तौकीर आलम, ऋषि मिश्रा, शशांक शेखर और प्रवीण सिंह कुशवाहा शामिल हैं। इन सभी की ओर से कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष अधिवक्ता संजय पांडे ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है।

इस संबंध में बरारी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार और याचिकाकर्ताओं में से एक तौकीर आलम ने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी उम्मीदवारों के लिए चुनावी मैदान समान नहीं रहने दिया, जिससे चुनाव परिणाम बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के ठीक दौरान ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत महिलाओं को दस-दस हजार रुपये दिए, जिसका चुनाव पर सीधा प्रभाव पड़ा। चुनाव आयोग ने इसे नहीं रोका। इसका स्पष्ट अर्थ है कि चुनाव आयोग और सरकार के बीच मिलीभगत थी। संविधान चुनाव में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर देने की बात करता है, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पर अमल नहीं किया।

चुनाव से ठीक पहले कल्याणकारी योजना के तहत धन वितरण
तौकीर आलम ने कहा कि तेलंगाना और कई अन्य राज्यों में चुनाव आयोग ने मौजूदा सरकारों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने और उन्हें लागू करने से रोका, लेकिन बिहार में न केवल चुनाव से ठीक पहले ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ शुरू करने की घोषणा की गई, बल्कि चुनाव के दौरान महिलाओं को दस-दस हजार रुपये भी दिए गए। यह सीधे तौर पर वोट की खरीद थी, जिसे रोका जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि, उन्हें इस योजना से कोई आपत्ति नहीं है और वे चाहते हैं कि सरकार महिलाओं को और अधिक धन दे, लेकिन मतदाताओं को रिश्वत देकर चुनाव जीतना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालत को स्वयं इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए था, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो कानून के अनुसार 45 दिनों के भीतर उन्होंने अदालत में याचिका दायर की है। उन्हें उम्मीद है कि अदालत से न्याय अवश्य मिलेगा।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र की हत्या की गई। उन्होंने अदालत से मामले का संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया तो लोकतंत्र पर जनता का विश्वास समाप्त हो सकता है। अब इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है। अदालत का रुख यह तय करेगा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान लगाए गए आरोपों की आगे जांच होगी या नहीं।

भाजपा ने याचिका को बताया हास्यास्पद
कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर किए जाने को भाजपा ने हास्यास्पद बताया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि, कांग्रेस द्वारा मुकदमा दायर करना उनकी निराशा और हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ काफी पहले से चल रही थी। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एनडीए सरकार जो कार्य कर रही है, उस पर कांग्रेस कीचड़ उछाल रही है। उन्हें यह समझना चाहिए कि कीचड़ में कमल और अधिक खिलता है।

अच्छा है कांग्रेस भ्रम में ही रहे: नीरज कुमार
नीरज कुमार ने कहा कि अच्छा है कांग्रेस इसी भ्रम में रहे और अपनी हार के वास्तविक कारणों की ओर न देखे। कांग्रेस अब तक यह नहीं समझ पाई है कि जनता से उसका संपर्क क्यों टूट गया है। भाजपा नेता ने कहा कि जिस प्रकार जनता की अदालत में कांग्रेस और महागठबंधन की पार्टियों को हार का सामना करना पड़ा है, उसी प्रकार अदालत में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा।

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