असम, 150 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘एडवांटेज असम’ के दूसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि असम 2030 तक 150 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने इस पहल को राज्य की आर्थिक क्षमताओं और विकास को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने और निवेश को आकर्षित करने का एक बड़ा प्रयास बताया।
असम की आर्थिक प्रगति पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने असम की आर्थिक वृद्धि की सराहना करते हुए कहा कि जब 2018 में ‘एडवांटेज असम’ का पहला संस्करण आयोजित हुआ था, तब राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 2.75 लाख करोड़ रुपये था। मात्र छह वर्षों में यह लगभग दोगुनी होकर 6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को देते हुए कहा कि असम अब देश की आर्थिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पूर्वोत्तर भारत का नया युग
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूर्वी भारत और विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां वह विकास की मुख्यधारा में तेजी से शामिल हो रहा है। उन्होंने असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।
भारत का दीर्घकालिक दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस सदी के अगले 25 वर्षों के लिए एक दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत की युवा शक्ति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत की युवा जनसंख्या पर भरोसा कर रही है, जो तेजी से कुशल और नवोन्मेषी बन रही है।
नए मध्य वर्ग का आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के नव-निम्न मध्यम वर्ग (new middle class) का भी उल्लेख किया, जो गरीबी से बाहर निकलकर नई आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ग आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रहा है।
‘एडवांटेज असम’ का महत्व
‘एडवांटेज असम’ निवेशकों और उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है, जहां राज्य में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित किया जाता है। इस आयोजन का उद्देश्य असम को एक वैश्विक व्यापार और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस आयोजन को असम और पूर्वोत्तर भारत के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि इससे न केवल राज्य की आर्थिक संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे पूरे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।